अमेरिका ने ISIS के दूसरे सबसे बड़े कमांडर को मारा:ट्रम्प बोले- वह दुनिया का सबसे एक्टिव आंतकी, अफ्रीका में घुसकर ऑपरेशन किया


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आतंकी संगठन ISIS के दूसरे सबसे बड़े कमांडर अबू बिलाल अल मिनुकी के मारे जाने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने नाइजीरियाई सेना के साथ मिलकर अफ्रीका में इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। हालांकि ट्रम्प ने यह नहीं बताया कि हमला अफ्रीका में कहां हुआ। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन बहुत ही प्लानिंग के साथ और बेहद मुश्किल तरीके से अंजाम दिया गया। वह छिपा हुआ था तभी उसे निशाना बनाया गया। उनके मुताबिक यह आतंकी दुनिया के सबसे एक्टिव आतंकियों में से एक था और उसे खत्म करने के लिए काफी समय से उस पर नजर रखी जा रही थी। मिनाकी के और भी कई नाम बताए गए थे, जिनमें अबुबकर मैनोक और अबोर मैनोक भी शामिल थे। ट्रम्प के मुताबिक, मिनुकी के मारे जाने से आईएसआईएस के वैश्विक ऑपरेशन को बड़ा झटका लगा है। उन्होंने इस ऑपरेशन में सहयोग के लिए नाइजीरिया सरकार को धन्यवाद दिया और ‘गॉड ब्लेस अमेरिका’ भी लिखा। अमेरिका ने 3 साल पहले ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किया था अल मिनुकी का जन्म 1982 में नाइजीरिया के बोर्नो राज्य में हुआ था। यह इलाका कैमरून, चाड और नाइजर की सीमा से लगता है। जून 2023 में बाइडेन सरकार ने मिनुकी को ‘स्पेशली डिजिग्नेटेड ग्लोबल टेररिस्ट’ घोषित किया था। जब अमेरिका किसी व्यक्ति या संगठन को दुनिया के लिए खतरनाक आतंकवादी मान लेता है, तो उसे इस सूची में डाल देता है। जिस व्यक्ति या संगठन को यह दर्जा मिल जाता है, उसके ऊपर कई सख्त पाबंदियां लग जाती हैं। जैसे उसकी अमेरिका में मौजूद सारी संपत्ति फ्रीज कर दी जाती है, कोई भी अमेरिकी नागरिक या कंपनी उससे लेन-देन नहीं कर सकती और उसे आर्थिक व वित्तीय तौर पर पूरी तरह अलग-थलग करने की कोशिश की जाती है। पिछले महीने ISIS ने नाइजीरिया के अदामावा राज्य में हुए एक हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें कम से कम 29 लोगों की मौत हुई थी। यह हमला गोम्बी लोकल गवर्नमेंट एरिया के गुयाकू इलाके में हुआ, जहां हथियारबंद हमलावरों ने स्थानीय लोगों को निशाना बनाया। इससे पहले पिछले साल दिसंबर में भी अमेरिका ने नाइजीरिया के उत्तर-पश्चिम में ISIS के खिलाफ बड़ा हमला किया था। उस समय ट्रम्प ने कहा था कि यह कार्रवाई उन आतंकियों के खिलाफ थी, जो काफी समय से खासकर निर्दोष ईसाइयों को निशाना बना रहे थे। ट्रम्प ने उस वक्त धमकी दी थी कि अगर आतंकियों ने ईसाइयों की हत्या बंद नहीं की, तो उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

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