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लखनऊ के इंदिरानगर में एक पूर्व सरकारी कर्मचारी साइबर ठगी का शिकार हो गए। ठगों ने भारत सरकार के पेंशन विभाग का फर्जी पत्र भेजकर विश्वास में लिया और खाते में आई वीआरएस व पेंशन की रकम में से करीब 12.94 लाख रुपए निकाल लिए। घटना के बाद पीड़ित को पैरालिसिस का अटैक पड़ गया। जिससे उनके शरीर का आधा हिस्सा प्रभावित हो गया और बोलने में भी दिक्कत हो रही है। इंदिरानगर की रहने वाली करिश्मा सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके पिता जय सिंह दूरदर्शन में यूडीसी पद पर कार्यरत थे और अगस्त 2025 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले चुके हैं। 19 मार्च 2026 को उनके पिता के व्हाट्सएप पर एक मोबाइल नंबर से भारत सरकार के पेंशन विभाग से संबंधित कथित पत्र भेजा गया। इसमें बताया गया कि उनके लगभग 14 लाख रुपए लंबित हैं। करिश्मा के अनुसार वीआरएस और पेंशन की राशि भी लगभग इतनी ही थी इसलिए उनके पिता को मैसेज पर भरोसा हो गया। कुछ समय बाद रकम खाते में आने पर उसी नंबर से फोन आया और बताया गया कि अवकाश से संबंधित करीब 2 लाख रुपए अतिरिक्त मिलने हैं। इसके लिए ओटीपी बताने को कहा गया। पिता ने फोन अपनी बेटी को देते हुए ओटीपी साझा करने को कहा। ओटीपी बताते ही खाते से एक के बाद एक कई ट्रांजेक्शन के जरिए करीब 12.94 लाख रुपए निकाल लिए गए। जब खाते से रकम निकलने की जानकारी हुई तो पिता को गहरा सदमा लगा। जिससे उन्हें पैरालिसिस का अटैक पड़ गया। जिससे उनके हाथ-पैर प्रभावित हो गए और बोलने में भी असमर्थता आ गई। पीड़िता ने साइबर ठगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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VRS के बाद मिले 14 लाख साइबर ठगों ने उड़ाए:बचे रुपए भेजने के लिए ओटीपी मांगा, सदमे से बुजुर्ग को पड़ा पैरालिसिस अटैक