
देहरादून, 4 जून 2026। उत्तराखंड के सीमांत जनपद चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ में देश की सांस्कृतिक विविधता की झलक देखने को मिलेगी। यहां ‘विकसित भारत वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ का शुभारंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास के साथ-साथ युवाओं में राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करना है।
इस कार्यक्रम के तहत देशभर से चयनित 220 युवा दो चरणों में भाग ले रहे हैं। पहले चरण में 110 युवा प्रतिभागी विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से उत्तराखंड पहुंचे हैं, जो अपनी-अपनी संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली का प्रदर्शन सीमांत गांवों में करेंगे।
पहले चरण में छत्तीसगढ़, चंडीगढ़, पंजाब, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी से आए युवा शामिल हुए हैं। इन प्रतिभागियों को सीमांत क्षेत्रों की सामाजिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक परिस्थितियों को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम के अंतर्गत 15 सीमांत गांवों का चयन किया गया है। प्रत्येक गांव में 7 से 8 युवाओं का समूह प्रवास करेगा। इन समूहों के साथ एक जिला युवा अधिकारी और एक स्वयंसेवक मार्गदर्शन तथा समन्वय के लिए मौजूद रहेंगे।
युवा प्रतिभागी गांवों में जनजागरूकता अभियान, सामुदायिक संवाद और विकास से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। वे स्थानीय लोगों से संवाद कर उनकी समस्याओं, अनुभवों और विकास संबंधी आवश्यकताओं को समझेंगे।
कार्यक्रम की शुरुआत 3 जून को देहरादून स्थित वायसराय इन होटल में प्रतिभागियों की रिपोर्टिंग से हुई। इसके बाद भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के अधिकारियों ने प्रतिभागियों को कार्यक्रम के उद्देश्य, महत्व और कार्यप्रणाली की जानकारी दी। साथ ही सुरक्षा, अनुशासन और प्रवास से जुड़ी आवश्यक सावधानियों पर भी मार्गदर्शन दिया गया।
देहरादून शिविर में सभी प्रतिभागियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें सभी को स्वस्थ पाया गया। इसके बाद 4 जून की सुबह प्रतिभागियों के एक समूह को चमोली और दूसरे समूह को उत्तरकाशी के लिए रवाना किया गया।
ये युवा 12 जून तक सीमांत गांवों में रहकर वहां की जीवनशैली, चुनौतियों और विकास आवश्यकताओं का अध्ययन करेंगे तथा विभिन्न सामुदायिक गतिविधियों में भाग लेंगे।
यह कार्यक्रम ‘मेरा युवा भारत (MY Bharat)’, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा गृह मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में संचालित किया जा रहा है। इसके संचालन में MY Bharat उत्तराखंड, ITBP और जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका है।
इस अवसर पर MY Bharat उत्तराखंड के राज्य निदेशक अनिल कुमार सिंह और ITBP के डिप्टी कमांडेंट कृष्ण रजत भी उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतिभागियों को सीमांत क्षेत्रों के महत्व और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका के बारे में प्रेरित किया तथा सफल कार्यक्रम के लिए शुभकामनाएं दीं।