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अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के बाद अब श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की व्यवस्था पर वकीलों ने सवाल उठाया है। बनारस बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री ने आरोप लगाया है कि मंदिर में कार्यरत कर्मचारियों के आय की जांच हो और इस जांच में ट्रस्टियों
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विश्वनाथ मंदिर प्रबंधन पर गंभीर आरोप
अधिवक्ता नित्यानंद राय ने कहा कि विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर का जब निर्माण हो रहा था, उस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में श्री राम मंदिर बनाने का आदेश दिया, जिसके बाद ट्रस्ट का गठन हुआ। लेकिन कुप्रबंधन के चलते चढ़ावा चोरी जैसे आरोप लगे। उन्होंने आरोप लगाया है कि विश्वनाथ धाम वाराणसी का प्रबंधन भी पूरी तरह से भ्रष्टाचार से ग्रसित है और प्राइवेट व्यक्तियों के हाथों चढ़ावे और चंदे की रकम की गिनती की जा रही है, जो पूरी तरीके से गलत है। उन्होंने कहा कि मंदिर के चारों गेट पर कैमरा लगे जिसका लाइव प्रसारण भी सार्वजनिक किया जाये।
वकीलों द्वारा पत्र में किया गया मांग
• श्री काशी विश्वनाथ मन्दिर बोर्ड ऑफ ट्रस्टी का गठन सर्वोच्च न्यायाल के आदेश दिनांक 14.03.1997 की मंसा के अनुरूप किया जाये।
• काशी विश्वनाथ मन्दिर के प्रबन्धन में जुड़े हर अधिकारी, कर्मचारी, प्राइवेट कर्मचारी, सिक्योरिटी ऐजेन्सी के कर्मचारी का नाम, पता, आय सार्वजनिक किया जाय।
• काशी विश्वनाथ मन्दिर के प्रबन्धन से पिछले 5 साल से जुड़े अधिकारी, कर्मचारी, प्राइवेट कर्मचारी, सिक्योरिटी ऐजेन्सी के कर्मचारी के आय व सम्पत्ति की गहनता से जाँच की जाय।
• काशी विश्वनाथ मन्दिर के गर्भ गृह के चारों तरफ प्रवेश द्वारा पर CCTV कैमरे लगायें जाय और सार्वजनिक रूप से डिस्प्ले किया जाय ताकि कौन लोग किसको और किसी तरीके से बाबा विश्वनाथ का दर्शन करा रहा है यह देख सकें और पारदर्शिता बनी रहे।
• श्री काशी विश्वनाथ मन्दिर में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए VIP व्यवस्था पूरी तरह से बन्द किया जाय और काशी वाशियों के लिए एक अलग गेट निर्धारित किया जाय ताकि विश्वनाथ धाम बनने से पहले जिस प्रकार से काशी वाशी बाबा विश्वनाथ का दर्शन पूजन करते रहे उसी प्रकार करते रहें।