प्रयागराज में 39 साल से रह रहा बांग्लादेशी गिरफ्तार:भारत में अवैध रूप से रह रहा था, फर्जी विरासत बनाकर हड़पी बुजुर्ग महिला की प्रॉपर्टी


प्रयागराज के मेजा में फर्जी दस्तावेज तैयार कर संपत्ति हड़पने के मामले की जांच के दौरान पुलिस के सामने चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पुलिस ने कमलेश कुमार विश्वास नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि कमलेश मूल रूप से बांग्लादेश का रहने वाला है और करीब 39 साल से भारत में अवैध रूप से रह रहा था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने फर्जी विरासत तैयार कर एक बुजुर्ग महिला की संपत्तियों पर कब्जा किया। इसके बाद फर्जी तरीके से तैयार दस्तावेजों के आधार पर संपत्ति अपने नाम करा ली।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने समेत विदेशी नागरिकों से संबंधित कानून की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
बुजुर्ग महिला ने की थी शिकायत
मामला मेजा थाना क्षेत्र का है। यहां रहने वाली बुजुर्ग महिला गीता विश्वास ने कुछ दिनों पहले पुलिस से शिकायत की थी। उनका आरोप था कि कमलेश कुमार विश्वास ने उनके मृत पति अमन कुमार विश्वास की फर्जी विरासत तैयार कर उनकी संपत्ति पर कब्जा कर लिया है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया था कि कमलेश मूल रूप से बांग्लादेश का रहने वाला है और लंबे समय से भारत में अवैध तरीके से रह रहा है। मामला संपत्ति से जुड़ी धोखाधड़ी और दस्तावेजों की कूटरचना से संबंधित होने के कारण एसीपी मेजा को जांच सौंपी गई।
1987 में मामा के साथ प्रयागराज आया था कमलेश
जांच के दौरान पुलिस ने कमलेश से पूछताछ की। पूछताछ में उसने बताया कि वर्ष 1987 में अमल कुमार विश्वास उसे अपने साथ बांग्लादेश से प्रयागराज लेकर आए थे। अमन कुमार को वह मामा कहता था। वह मेजा क्षेत्र में बंगाली दवाखाना चलाते थे।
कमलेश के मुताबिक, वह मामा के साथ रहकर प्रयागराज में पढ़ाई करने लगा और बाद में उनके दवाखाने के काम में हाथ बंटाने लगा। अमन कुमार विश्वास की मृत्यु के बाद वह बंगाली दवाखाने का संचालन करने लगा।
पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो कमलेश के भारत में रहने की वैधता को लेकर भी सवाल खड़े हुए। दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की जांच में पुलिस ने उसे बांग्लादेशी नागरिक और भारत में अवैध रूप से रह रहा पाया।
पहली पत्नी गीता, दूसरी पत्नी चंद्रकांता होने का सामने आया मामला
जांच में पुलिस को पता चला कि अमन कुमार विश्वास की पहली पत्नी गीता विश्वास थीं। उनकी दूसरी पत्नी चंद्रकांता नाम की महिला बताई गई, जो राजस्थान में रहकर नर्सिंग का काम करती थी।
पुलिस के मुताबिक, अमन कुमार विश्वास की मृत्यु के बाद कमलेश ने कथित तौर पर एक महिला को चंद्रकांता के रूप में प्रस्तुत किया। इसके बाद उसके नाम से विरासत से संबंधित दस्तावेज तैयार कराए गए।
जांच में यह भी सामने आया कि फर्जी विरासत के जरिए अमन कुमार विश्वास की संपत्तियों को चंद्रकांता के नाम दर्शाया गया और बाद में यह दिखाया गया कि चंद्रकांता ने विरासत में मिली संपत्ति कमलेश को दान कर दी है। इसी दस्तावेजी प्रक्रिया के जरिए कमलेश ने संपत्तियों पर अपना कब्जा स्थापित कर लिया।
फर्जीवाड़े की जांच में खुला राज
मेजा पुलिस की जांच में संपत्ति के कथित फर्जीवाड़े के साथ कमलेश के भारत में रहने का मामला भी सामने आ गया। पुलिस के मुताबिक, वह करीब 39 वर्षों से भारत में रह रहा था, लेकिन उसके पास भारत में वैध रूप से रहने से संबंधित दस्तावेज नहीं मिले।
पुलिस ने उसके खिलाफ फर्जीवाड़े और कूटरचित दस्तावेजों से संबंधित धाराओं के साथ विदेशी नागरिकों से जुड़े कानून के तहत भी कार्रवाई की है।
डीसीपी बोले
डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव ने बताया कि मेजा में एक महिला की शिकायत पर फर्जीवाड़े के मामले की जांच कराई गई थी। जांच में सामने आया कि आरोपी ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों और विरासत के जरिए संपत्ति पर कब्जा किया। जांच के दौरान उसके बांग्लादेशी नागरिक होने और लंबे समय से भारत में अवैध रूप से रहने की जानकारी भी सामने आई। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ विदेशी नागरिकों से संबंधित कानून समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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