US-Israel vs. Iran Conflict Live Updates Trump Netanyahu mojtaba khamenei

कुछ ही क्षण पहले

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खार्ग आइलैंड पर मौजूद सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ी तो अगला निशाना इस इलाके का ऑयल इन्फ्रास्ट्रक्चर भी हो सकता है। खार्ग आइलैंड फारस की खाड़ी में स्थित है और इसे ईरान के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जाता है।

खार्ग आइलैंड ईरान के तेल निर्यात का सबसे बड़ा सेंटर है। देश के करीब 80 से 90% कच्चे तेल का एक्सपोर्ट इसी द्वीप से होता है। यहां बड़े तेल टर्मिनल, पाइपलाइन, स्टोरेज टैंक और जहाजों में तेल भरने की सुविधाएं मौजूद हैं। बताया जाता है कि यहां से हर दिन करीब 70 लाख बैरल तक तेल जहाजों में लोड किया जा सकता है।

वहीं अमेरिका ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई के बारे में जानकारी देने पर 10 मिलियन डॉलर यानी करीब 92 करोड़ रुपए तक का इनाम घोषित किया है।

यह घोषणा अमेरिकी विदेश विभाग के ‘रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस’ प्रोग्राम के तहत की गई है। इस लिस्ट में अली लारिजानी समेत कई अन्य ईरानी अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं।

दावा-ईरान दो भारतीय गैस टैंकरों को होर्मुज से गुजरने देगा

ईरान ने दो भारतीय गैस टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दे दी है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि दो भारतीय LPG टैंकर जल्द ही होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते भारत की ओर रवाना होंगे।

इससे घरेलू गैस आपूर्ति पर पड़ रहे दबाव को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि एक कच्चे तेल का टैंकर भी 1 मार्च के आसपास होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुका है और सऊदी अरब का तेल लेकर शनिवार तक भारत आ सकता है।

इससे पहले गुरुवार शाम को ही भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने कहा था कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट में भारत को सुरक्षित रास्ता देगा। उन्होंने कहा- भारत और ईरान के बीच लंबे समय से दोस्ताना रिश्ते और आपसी भरोसा रहा है।

दावा- ईरान के नए सुप्रीम लीडर का पैर काटना पड़ा

कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हैं और कोमा में हैं।

ब्रिटिश मीडिया द सन की रिपोर्ट के मुताबिक 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल के हमले में घायल होने के बाद उन्हें तेहरान के सिना यूनिवर्सिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि उनकी हालत बेहद गंभीर है।

रिपोर्ट के मुताबिक हमले में चोट इतनी गहरी थी कि उनका एक पैर काटना पड़ा और लिवर को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है। अस्पताल के एक हिस्से को पूरी तरह सील कर दिया गया है और वहां भारी सुरक्षा तैनात है।

मुजतबा खामेनेई को उनके पिता और ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद 9 मार्च को देश का नया सुप्रीम लीडर बनाया गया था। अली खामेनेई की 28 फरवरी को मौत हुई थी। पढ़ें पूरी खबर…

इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी 3 तस्वीरें…

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने शुक्रवार को ईरानी मिसाइल लॉन्चर पर हमले का फुटेज जारी किया।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने शुक्रवार को ईरानी मिसाइल लॉन्चर पर हमले का फुटेज जारी किया।

ईरान ने गुरुवार को इजराइल पर मिसाइल लॉन्च का वीडियो जारी किया।

ईरान ने गुरुवार को इजराइल पर मिसाइल लॉन्च का वीडियो जारी किया।

ईरान ने गुरुवार को इजराइल पर कई मिसाइलें दागीं, जिन्हें इजराइली डिफेंस सिस्टम ने खत्म कर दिया।

ईरान ने गुरुवार को इजराइल पर कई मिसाइलें दागीं, जिन्हें इजराइली डिफेंस सिस्टम ने खत्म कर दिया।

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ईरान के गांव पर इजराइली मिसाइल हमला, 6 लोगों की मौत

ईरान के सेंट्रल मार्काजी प्रांत के एक गांव पर हुए इजराइली मिसाइल हमले में कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई और 7 लोग घायल हो गए। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी फार्स के अनुसार यह हमला अचानक हुआ, जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घायल लोगों को तुरंत पास के अस्पतालों में इलाज के लिए ले जाया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक यह गांव ईरान के मध्य हिस्से में स्थित है। घटना के बाद राहत और बचाव दल मौके पर पहुंच गए और हालात का जायजा लिया जा रहा है। इस हमले के बाद ईरान और इजराइल के बीच पहले से चल रहे तनाव के और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि हाल के समय में दोनों देशों के बीच मिसाइल और हवाई हमलों की घटनाएँ बढ़ती जा रही हैं।

1 मिनट पहले

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ईरान बोला- अमेरिका, भारत और दुनिया से रूसी तेल खरीदने की भीख मांग रहा

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका के रूसी तेल पर रुख की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि व्हाइट हाउस अब भारत समेत दुनिया के देशों से रूसी कच्चा तेल खरीदने की भीख मांग रहा है।

अराघची ने कहा कि अमेरिका पहले महीनों तक भारत पर दबाव बनाता रहा कि वह रूस से तेल आयात बंद करे, लेकिन ईरान के साथ दो हफ्ते के संघर्ष के बाद वाशिंगटन का रुख बदलता दिख रहा है। यूरोपीय देशों ने ईरान के खिलाफ गैर-कानूनी लड़ाई का समर्थन किया, क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि बदले में उन्हें रूस के खिलाफ अमेरिका का समर्थन मिलेगा।

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