UPSSSC Exam Cheating, 13 Arrested

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की सहायक बोरिंग टेक्नीशियन मुख्य परीक्षा में हाईटेक तरीके से नकल कराने वाले एक संगठित गिरोह का स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने भंडाफोड़ किया है। रविवार को प्रयागराज और वाराणसी में एक साथ छापेमारी कर STF ने 13 ल

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एसटीएफ के मुताबिक गिरोह प्रयागराज से संचालित किया जा रहा था। गिरोह का सरगना शिवजीत पटेल और उसका साथी राजेन्द्र यादव उर्फ धीरेन्द्र यादव फरार हैं। दोनों की तलाश में दबिश दी जा रही है।

प्रयागराज और वाराणसी में एक साथ छापेमारी

सूचना मिलते ही एसटीएफ ने दोनों शहरों में एक साथ कार्रवाई की। प्रयागराज से गिरोह के सदस्यों और सॉल्वरों को गिरफ्तार किया गया। वहीं वाराणसी के परीक्षा केंद्रों से नकल कर रहे दो अभ्यर्थियों और उनके सहयोगियों को पकड़ लिया गया।

कार्रवाई के दौरान भीड़ का फायदा उठाकर गिरोह का सरगना शिवजीत पटेल और राजेन्द्र यादव फरार हो गए।

ऐसे चलता था करोड़ों का नकल नेटवर्क

पूछताछ में सामने आया कि शिवजीत पटेल, उसका भाई कप्तान सिंह पटेल, दीपक पटेल और राजेन्द्र यादव लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल कराने का नेटवर्क चला रहे थे।

गिरोह रिश्तेदारों और परिचितों के जरिए सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं से संपर्क करता था। उन्हें परीक्षा पास कराने और सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर 4 से 5 लाख रुपये तक वसूले जाते थे।

प्रश्नपत्र हल कर माइक्रो डिवाइस से भेजते थे जवाब

दीपक पटेल और राजेन्द्र यादव परीक्षा में इस्तेमाल होने वाले माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की व्यवस्था करते थे। परीक्षा शुरू होने के बाद प्रश्नपत्र व्हाट्सएप के जरिए प्रयागराज स्थित ठिकाने पर भेजा जाता था।

वहां मौजूद सॉल्वर तुरंत प्रश्न हल करते और मोबाइल से जुड़े माइक्रो डिवाइस के जरिए परीक्षा केंद्र में बैठे अभ्यर्थियों को क्रमवार सही उत्तर बताते थे। प्रत्येक सॉल्वर को इसके लिए 20-20 हजार रुपये दिए जाते थे। परीक्षा केंद्रों के बाहर भी गिरोह के सदस्य निगरानी में तैनात रहते थे।

दो अभ्यर्थियों ने खोला पूरा राज

गिरफ्तार अभ्यर्थी धर्मेन्द्र कुमार ने बताया कि उसने परीक्षा पास कराने के लिए कप्तान सिंह पटेल के खाते में 3.75 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए थे। इसके अलावा 1.25 लाख रुपये नकद भी दिए थे। दूसरे अभ्यर्थी विपिन कुमार वर्मा ने बताया कि उसने 5 लाख रुपये नकद और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के नाम पर 25 हजार रुपये कप्तान सिंह पटेल को दिए थे।

इन परीक्षा केंद्रों पर कराई जा रही थी नकल

एसटीएफ के अनुसार वाराणसी के एंग्लो इंडियन मुस्लिम इंटर कॉलेज, लल्लापुरा और हरिश्चंद्र बालिका इंटर कॉलेज, मैदागिनी में परीक्षा दे रहे दो अभ्यर्थियों को माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए उत्तर बताए जा रहे थे। इसी सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

एसटीएफ के अनुसार सभी आरोपियों के खिलाफ वाराणसी के सिगरा और कोतवाली थाने में उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच स्थानीय पुलिस कर रही है।

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