UPESSC Recruitment Exam Reform | Prayagraj Dr Prashant Kumar Statement

प्रमोद यादव। प्रयागराज1 घंटे पहले

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प्रयागराज में भर्ती परीक्षाओं में सिर्फ आधुनिक तकनीक जोड़ देने से व्यवस्था पारदर्शी नहीं बन सकती। ईमानदार क्रियान्वयन, स्पष्ट जवाबदेही और मजबूत प्रशासनिक इच्छाशक्ति भी जरूरी है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) के अध्यक्ष एवं पूर्व पुलिस महानिदेशक डॉ. प्रशांत कुमार ने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान यह बात कही।

उन्होंने कहा कि आयोग ऐसी तकनीक-सक्षम और जवाबदेही आधारित परीक्षा प्रणाली तैयार कर रहा है, जिस पर अभ्यर्थियों का भरोसा कायम रहे। हर अभ्यर्थी को उसकी प्रतिभा, योग्यता और मेहनत के आधार पर समान अवसर मिलना आयोग की प्राथमिकता है।

प्रश्नपत्र से रिजल्ट तक हर स्तर पर निगरानी

डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि परीक्षा की शुचिता सिर्फ प्रश्नपत्र सुरक्षित रखने तक सीमित नहीं है। प्रश्नपत्र तैयार करने, प्रिंटिंग, परिवहन और सुरक्षित भंडारण से लेकर परीक्षा केंद्र की व्यवस्था, अभ्यर्थियों के सत्यापन, निगरानी और परिणाम तैयार करने तक पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाना होगा।

AI से निगरानी, बायोमेट्रिक से सत्यापन

आयोग परीक्षा व्यवस्था में कई आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर रहा है। इनमें AI आधारित निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन, CCTV कैमरों से निगरानी, GPS आधारित परिवहन ट्रैकिंग और बारकोड आधारित ट्रैकिंग शामिल हैं। इसके साथ एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण व्यवस्था के जरिए पूरी प्रक्रिया पर नजर रखने की तैयारी है।

तकनीक के साथ जिम्मेदारी तय होगी

अध्यक्ष ने कहा कि तकनीक तभी कारगर होगी, जब उसके इस्तेमाल की जिम्मेदारी भी तय हो। परीक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष परीक्षा सिर्फ अभ्यर्थियों के चयन का विषय नहीं, बल्कि सुशासन और जनविश्वास से जुड़ा दायित्व भी है।

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