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झांसी में गोली मारकर हत्या करने वाले पिता-पुत्र समेत 4 दोषियों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सभी पर 22-22 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। नहीं देने पर एक साल की जेल अतिरिक्त काटनी होगी। यह फैसला बुधवार को विशेष न्यायालय संख्या-1 (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) के विशेष न्यायाधीश कमल कांत श्रीवास्तव ने सुनाया है। चारों आरोपियों ने 2019 में मऊरानीपुर थाना क्षेत्र के बौंडा गांव में हरेंद्र की हत्या की थी। ट्रैक्टर चालक से मारपीट का उलहाना देने गए थे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र पांचाल ने बताया- बौंडा गांव निवासी हृदेश सिंह ने मऊरानीपुर थाने में तहरीर दी थी। जिसमें बताया था- 29 मार्च 2019 को उसके ट्रैक्टर ड्राइवर लखन के साथ गांव के कुछ लोगों ने मारपीट कर दी थी। इस पर वह अपने पिता हरेंद्र (62) के साथ आरोपियों के घर पर उलहाना देने गया। इसके बाद शाम लगभग 6.30 बजे वह गांधी चबूतरा के पास खड़ा था तभी गांव के धर्मपाल सिंह, उसका बेटा लवकुश उर्फ लेखराज सिंह, दृगपाल सिंह और इंद्रपाल सिंह आए और गाली गलाैच करने लगे। आवाज सुनकर पिता हरेंद्र भी आ गए और गाली देने से मना किया। तब धर्मपाल ने अपने बेटे लवकुश उर्फ लेखराज से कहा कि इसको गोली मार दो। विवाद बढ़ने पर लवकुश ने कमर से हथियार निकाला और पिता के सीने में गोली मार दी। इसके बाद वे हृदेश पर गोली चलाने लगे। यह देख हृदेश अपने साथियों के साथ भाग गया। परिजनों ने हरेंद्र को मऊरानीपुर सीएचसी पहुंचाया। जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने केस दर्ज करके चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बाद में उनके खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया। अब कोर्ट ने तमाम साक्ष्यों के आधार पर चारों आरोपी धर्मपाल सिंह, उसके बेटे लवकुश उर्फ लेखराज, दृगपाल सिंह और इंद्रपाल सिंह को आजीवन कारावास और 22-22 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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झांसी में हत्या में पिता-पुत्र समेत 4 को उम्रकैद:7 साल पहले बेटे के सामने पिता की गोली मारकर हत्या की थी