यूपी सरकार ने सीनियर IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश को बहाल कर दिया है। आरोप था कि उन्होंने अपने करीबी बाबू निकांत जैन के जरिए सोलर इंडस्ट्री प्रोजेक्ट की मंजूरी के लिए बिजनेसमैन से 1 करोड़ रुपए का कमीशन मांगा था। न मिलने पर प्रोजेक्ट की फाइल रोक दी गई।
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बिजनेसमैन विश्वजीत दत्ता ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री योगी से की थी। मुख्यमंत्री ने मामले की STF से जांच कराई थी। इसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। STF ने आरोपी निकांत जैन को गिरफ्तार कर लिया था।
पूछताछ में उसने कबूल किया था कि वह IAS अभिषेक के कहने पर 5 फीसदी रिश्वत मांग रहा था। निकांत जैन ने गिरफ्तारी के खिलाफ लखनऊ हाईकोर्ट में याचिका लगाई। इसी साल 10 फरवरी को लखनऊ हाईकोर्ट में बिजनेसमैन विश्वजीत दत्ता अपनी बात से मुकर गए थे। इसके बाद कोर्ट ने मामले को रद्द कर दिया।
उसके बाद से ही अभिषेक की बहाली के कयास लगाए जा रहे थे। सूत्रों का कहना है कि अभिषेक यूपी के दो सबसे ताकतवर एक सेवानिवृत्त और एक मौजूदा IAS अधिकारी के करीबी हैं, इसलिए उन्हें जल्द भी प्राइम पोस्टिंग भी मिल जाएगी

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यूपी के सीनियर IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश को सस्पेंड कर दिया गया है। गुरुवार को उनके करीबी बाबू निकांत जैन को STF ने गिरफ्तार किया है। निकांत जैन के खिलाफ लखनऊ के गोमती नगर थाने में केस दर्ज हुआ है। IAS अभिषेक प्रकाश ने सोलर इंडस्ट्री प्रोजेक्ट की मंजूरी के लिए बिजनेसमैन से 5 फीसदी कमीशन मांगा था।। पूरी खबर पढ़ें…