केवल धर्म परिवर्तन से एसटी का दर्जा समाप्त नहीं होता:हाईकोर्ट ने कहा-रीति-रिवाजों, परंपराओं की जीवनशैली जरूरी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना है कि केवल धर्म परिवर्तन से किसी व्यक्ति का अनुसूचित जनजाति का दर्जा स्वतः समाप्त नहीं होता। हालांकि, यदि कोई व्यक्ति अपनी जनजाति की रीति-रिवाजों, परंपराओं और सामुदायिक जीवन से पूरी तरह अलग हो जाता है और दूसरी सामाजिक व धार्मिक पहचान अपना लेता है, तो वह कानूनन मिलने वाले एसटी…