महिला शादी कर जहां चाहे रहे, रोक नहीं सकते:हाईकोर्ट बोला- महिला को माता-पिता के पास लौटने को मजबूर नहीं कर सकते

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि वयस्क महिला अपनी मर्जी से अपने रहने की जगह और साथी चुनने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है, और उसके माता-पिता की नाराज़गी इसका आधार नहीं बन सकती। रामपुर निवासी राकेश कुमार ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर आरोप लगाया कि उनकी बेटी निकिता (लगभग 20 वर्ष) को प्रतिवादी…

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पुलिस का काम अपराधों की जांच करना, शादियों की नहीं:हाईकोर्ट ने महिला की पसंद से हुई शादी में दर्ज एफआईआर रद्द किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि दो बालिग व्यक्तियों द्वारा अपनी इच्छा से किया गया विवाह कोई अपराध नहीं है। कोर्ट ने कहा ऐसे मामलों में पुलिस को अनावश्यक हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने भदोही जिले के सुरियावां थाने में दर्ज अपहरण से संबंधित एफआईआर को रद्द करते…

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'8 दिन अवैध हिरासत में रखा, 2 लाख मुआवजा दो':इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, प्रयागराज में एसीपी की सैलरी से कटेगा जुर्माना

‘नागरिकों की व्‍यक्तिगत आजादी सबसे ऊपर है। किसी भी निर्दोष को बिना वैधानिक प्रक्रिया के जेल नहीं भेजा जा सकता।’ यह बात इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को पुलिस कमिश्‍नरेट प्रणाली में शांति भंग की धाराओं के दुरुपयोग पर कही। न्‍यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्‍यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने मंसूर अहमद उर्फ लल्‍लू की याचिका…

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आरोपियों के रिश्तेदारों को परेशान नहीं कर सकती पुलिस:हाईकोर्ट ने कहा- ये 'औपनिवेशिक प्रथा, यह अनुच्छेद 21 का उल्लंघन

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने एक आदेश में कहा कि पुलिस द्वारा किसी आरोपी के रिश्तेदारों को प्रताड़ित करना या परेशान करना एक ‘औपनिवेशिक प्रथा’ है, जो भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत गारंटीकृत जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन करती है। जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की पीठ ने…

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