'8 दिन अवैध हिरासत में रखा, 2 लाख मुआवजा दो':इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, प्रयागराज में एसीपी की सैलरी से कटेगा जुर्माना

‘नागरिकों की व्‍यक्तिगत आजादी सबसे ऊपर है। किसी भी निर्दोष को बिना वैधानिक प्रक्रिया के जेल नहीं भेजा जा सकता।’ यह बात इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को पुलिस कमिश्‍नरेट प्रणाली में शांति भंग की धाराओं के दुरुपयोग पर कही। न्‍यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्‍यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने मंसूर अहमद उर्फ लल्‍लू की याचिका…

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आरोपियों के रिश्तेदारों को परेशान नहीं कर सकती पुलिस:हाईकोर्ट ने कहा- ये 'औपनिवेशिक प्रथा, यह अनुच्छेद 21 का उल्लंघन

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने एक आदेश में कहा कि पुलिस द्वारा किसी आरोपी के रिश्तेदारों को प्रताड़ित करना या परेशान करना एक ‘औपनिवेशिक प्रथा’ है, जो भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत गारंटीकृत जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन करती है। जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की पीठ ने…

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