Students Mental Health & Campus Stress

नई दिल्ली3 मिनट पहले

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देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे 9% छात्रों को अक्सर आत्महत्या का विचार आता है। वहीं, 34% छात्र अपने ही कैंपस में खुद को बाहरी महसूस करते हैं। सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित नेशनल टास्क फोर्स (एनटीएफ) के देशभर में कराए सर्वे में ये खुलासा हुआ है।

सर्वे में करीब 15% छात्रों ने कहा कि पिछले 6 महीनों में कुछ समय ऐसा रहा, जब वे बहुत ज्यादा तनाव या कई हफ्तों तक एंग्जायटी में रहे। हालांकि, 56% छात्रों ने सर्वे में कहा कि गंभीर मुद्दों को निष्पक्ष तरीके से संभालने के लिए उन्हें प्रशासन पर भरोसा है।

एनटीएफ के इस सर्वे में 2.43 लाख से ज्यादा छात्रों के जवाब शामिल हैं। इनमें 67% छात्र एससी, एसटी और ओबीसी श्रेणी से थे। टास्क फोर्स की रिपोर्ट 31 अक्टूबर तक सुप्रीम कोर्ट में जमा होने की उम्मीद है।

एनटीएफ का गठन सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2025 में छात्र आत्महत्याओं के बढ़ते मामलों और उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की मेंटल हेल्थ व वेल-बीइंग से जुड़े मुद्दों की जांच के लिए किया था। टास्क फोर्स के प्रमुख जस्टिस एस रवींद्र भट हैं।

18 सितंबर को साहिल ने किया था सुसाइड

मुंबई के IIT बॉम्बे में 18 सितंबर 2026 की शाम सेकेंड ईयर के छात्र साहिल वाकोडे ने हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। साहिल महाराष्ट्र के यवतमाल का रहने वाला था। वह एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था।

साहिल एग्जाम हॉल में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते पकड़ा गया था। उसने क्वेश्चन पेपर का फोटो चैट जीपीटी पर अपलोड करके नकल करने की कोशिश की थी। साहिल की आत्महत्या के बाद करीब 400 छात्रों ने कैंपस में विरोध प्रदर्शन किया।

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IIT बॉम्बे में एंटी सुसाइडल रूल्स लागू हुए: हर कमरे में ट्विन शेयरिंग; सीलिंग फैन हटाए

IIT बॉम्बे में स्टूडेंट साहिल वाकोडे के सुसाइड के बाद स्टूडेंट्स की मेंटल हेल्थ सुधारने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। आईआईटी बॉम्बे के हॉस्टल में ट्विन-शेयरिंग मॉडल लागू करने और काउंसलिंग के घंटे बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। पूरी खबर पढ़ें…

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