'SSC मेकर' में डेढ़ फिट के छज्जे से आते-जाते स्टूडेंट्स:गोरखपुर में इंस्टीट्यूट बंद कर संचालक फरार, बच्चों की जान जोखिम में


लखनऊ के अग्निकांड के बाद गोरखपुर में कोचिंग सेंटरों की जांच शुरू होते ही हड़कंप मच गया है। पकड़े जाने के डर से शहर के ज्यादातर सेंटर संचालक क्लास बंद करके फरार हो गए हैं। दैनिक भास्कर की टीम जब गुरुवार को हरिओम नगर चौराहे पर स्थित ‘SSC मेकर’ कोचिंग सेंटर पहुंची तो वहां भी ताला लटका मिला। आसपास के दुकानदारों ने बताया कि जब से प्रशासन ने चेकिंग शुरू की है, तब से यहां कोई क्लास नहीं चली है। साथ ही यह देखा गया कि वहां लगभग डेढ़ फीट चौड़े लोहे से बने छज्जे से स्टूडेंट्स आते- जाते हैं। वजन बढ़ते ही टूट सकता है छज्जा
भले ही यह सेंटर बंद मिला, लेकिन जब बाहर से इसके फायर सेफ्टी मानकों की पड़ताल की गई, तो बड़ी लापरवाही सामने आई। इस इंस्टीट्यूट की क्लास ग्राउंड फ्लोर पर चलती है। वहां आने-जाने के लिए बेसमेंट के ऊपर और मेन गेट के सामने लोहे का एक बेहद पतला डेढ़ फीट चौड़ा छज्जा बना हुआ है। यह रास्ता इतना कमजोर और खतरनाक है कि आग जैसी कोई दुर्घटना होने पर सभी बच्चों का एक साथ बाहर निकल पाना नामुमकिन है। यहां सिर्फ रास्ता ब्लॉक होने का ही खतरा नहीं है, बल्कि उस कमजोर छज्जे के टूटकर गिरने का भी पूरा डर है। सामान्य दिनों के लिए भी खतरनाक
जिससे निकलने का कहीं से भी रास्ता बचेगा ही नहीं। ऐसी हालत में कब कोई कूदने का प्रयास करेगा तो सीधा बेसमेंट में जाकर गिरेगा। उसकी सीढ़ियों पर टकराने से तुरंत मौत भी हो सकती है। हैरानी की बात यह है कि रोज उसी रास्ते से बच्चे पढ़ाई के लिए आते जाते हैं। वहां कोई एग्जिट गेट नहीं है। यहां तक कि एंट्री गेट खतरों से भरा है। सामान्य दिनों में भी उधर से आना- जाना जोखिम भरा है। नहीं है कोई एग्जिट गेट
बिल्डिंग में फायर सेफ्टी के इंतजाम जीरो मिले। न तो कोई फायर इक्विपमेंट दिखा और न कोई इमर्जेंसी एग्जिट गेट था। एक सिंगल रास्ता वो भी ढंग का नहीं। आग जैसी स्थित में भगदड़ मचने और बच्चों के नीचे गिरने का पूरा चांस है। धुंए से भर जाएगा फ्लोर
देखने से पता चला कि अगर इस सेंटर पर आग जैसी कोई घटना होती है तो पूरा फ्लोर तुरंत धुंए से भर जाएगा। क्लासरूम में कोई भी विंडो की व्यवस्था नहीं है जिससे धुंआ बाहर निकल सके। ऐसे में घुटन होगी, आंखों में जलन से कुछ दिखाई नहीं देगा और कोई भी लोग भागने में असमर्थ हो सकते हैं। बिना NOC के 50 बच्चों का बैच
पूछताछ में पता चला है कि इस बिल्डिंग के पास फायर ब्रिगेड की एनओसी (NOC) भी नहीं है। इसके बावजूद यहां एक-एक बैच में करीब 40 से 50 छात्र बैठते हैं, जो हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर भविष्य बनाने आते हैं। इस सेंटर पर एसएससी, रेलवे, बैंकिंग, एसएससी जीडी, यूपी पुलिस (UPP), यूपीएसआई, अग्निवीर और पेट (PET) जैसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। फिलहाल, अफसर ऐसे सभी सेंटरों की लिस्ट बनाकर आगे की कार्रवाई में जुट गए हैं। संचालकों से नहीं हो रहा संपर्क
चेकिंग के बाद कोचिंग बंद कर देने वाले संचालकों से बात करने की कोशिश की जा रही है, तो या तो वे कुछ बताने से बना कर दे रहे, या तो उनका फोन बंद आ रहा या फिर फोन रिसीव ही नहीं किया जा रहा है। लगातार हो रही कार्रवाई
CFO ने कहा कि शहर में मानकों के खिलाफ चल रहे संस्थानों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। जांच में कमी पाए जाने पर पहले संचालकों को कारण बताओं नोटिस भेजा जा रहा है। उनसे कमियों को जल्द से जल्द दूर करने को सख्त निर्देश दिए जा रहे हैं। बदलाव न होने पर संस्थानों को सील भी किया जा सकता है।

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