अमिताभ मिश्रा | रेनूकोट, सोनभद्र3 मिनट पहले
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दक्षिणांचल की किरबिल 132 केवी विद्युत परियोजना को 21 मई की सुबह 10 बजे ऊर्जीकृत किया जाएगा।
सोनभद्र जनपद के दक्षिणांचल की बहुप्रतीक्षित किरबिल 132 केवी विद्युत परियोजना को 21 मई की सुबह 10 बजे ऊर्जीकृत किया जाएगा। परियोजना शुरू होने के साथ ही दुद्धी तहसील क्षेत्र के दुद्धी, म्योरपुर, बभनी, बीजपुर और आसपास के इलाकों की बिजली व्यवस्था में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है। अभी तक इन क्षेत्रों को रिहंद बांध स्थित पिपरी पावर हाउस से बिजली आपूर्ति की जा रही थी।
उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा निर्माणाधीन 132 केवी पिपरी–सोननगर, म्योरपुर डीसी लाइन का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। विभाग ने संबंधित विभागों, किसानों और स्थानीय नागरिकों को हाईटेंशन लाइन से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की चेतावनी जारी की है।
कई गांवों से होकर गुजर रही हाईटेंशन लाइन
एसडीओ रामअनंत दुबे ने बताया कि यह हाईटेंशन लाइन रनटोला, कटौधी, मनबसा, सुपाचुआ, फाटपरखना, काशीकुंड, खमरिया टोला और किरबिल ग्राम सभाओं से होकर गुजर रही है। विभाग ने ग्रामीणों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है, क्योंकि 132 केवी लाइन अत्यंत उच्च क्षमता की होती है और इसके संपर्क में आने से गंभीर हादसे हो सकते हैं।

किसानों और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह
बिजली विभाग ने किसानों से अपील की है कि लाइन के नीचे कृषि कार्य करते समय लंबे पाइप, मशीन या अन्य उपकरणों का इस्तेमाल सावधानीपूर्वक करें। बच्चों और पशुओं को भी हाईटेंशन लाइन के आसपास जाने से रोकने को कहा गया है।
बिजली संकट से मिलेगी राहत
अधिकारियों के अनुसार परियोजना शुरू होने के बाद दक्षिणांचल के उपकेंद्रों को अधिक स्थिर और बेहतर बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। इससे लो-वोल्टेज और बार-बार होने वाली बिजली कटौती की समस्या में काफी कमी आएगी। भविष्य में रेलवे को भी इसी परियोजना से बिजली आपूर्ति देने की योजना है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र बिजली संकट से जूझ रहा था, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं के साथ व्यापार और उद्योग भी प्रभावित हो रहे थे। ऐसे में किरबिल 132 केवी स्टेशन के चालू होने से पूरे इलाके को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
