नई दिल्ली12 मिनट पहले
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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के 5 अगस्त को होने वाले वर्चुअल मीडिया कार्यक्रम में भारत सरकार ने अपनी किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आज स्पष्ट किया कि इस कार्यक्रम का आयोजन एक निजी मीडिया संस्थान द्वारा किया जा रहा है।
जायसवाल ने कहा कि सरकार का इस इवेंट से कोई लेना-देना नहीं है। साथ ही, भारत सरकार इस मंच पर व्यक्त किए जाने वाले किसी भी विचार का समर्थन नहीं करती है।
बांग्लादेश ने भारत से की थी अपील
यह बयान बांग्लादेश द्वारा भारत से सहयोग मांगे जाने के एक दिन बाद आया है। बांग्लादेश ने अपील की थी कि शेख हसीना या प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े किसी भी व्यक्ति को भारतीय जमीन का इस्तेमाल राजनीतिक भाषण देने या बांग्लादेश में अस्थिरता फैलाने वाली गतिविधियों के लिए न करने दिया जाए।
प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर ने सोमवार को ढाका में भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी के साथ मुलाकात के दौरान यह मुद्दा उठाया था।
ब्रिक्स समिट के लिए निमंत्रण पर दी जानकारी
सितंबर की शुरुआत में होने वाले ब्रिक्स समिट के बारे में पूछे गए एक सवाल पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि नई दिल्ली ने फरवरी 2026 में कार्यभार संभालने के बाद बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को भारत की द्विपक्षीय यात्रा के लिए औपचारिक निमंत्रण भेजा था।
जायसवाल ने बताया कि ब्रिक्स समिट के संबंध में भारत ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को बिम्सटेक (BIMSTEC) के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में नई दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में शामिल होने के लिए अलग से निमंत्रण दिया है। उन्होंने कहा कि यह निमंत्रण ब्रिक्स में आउटरीच सत्रों के लिए अपनाई जाने वाली मानक प्रक्रिया के अनुसार दिया गया है। इसी तरह अन्य क्षेत्रीय समूहों के प्रमुखों को भी आमंत्रित किया गया है।
