सनी गुप्ता | संभल6 घंटे पहले
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संभल में चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने चीनी डीलरों के लिए स्टॉक सीमा निर्धारित की है।
इसके तहत कोई भी डीलर एक समय में 4 हजार क्विंटल से अधिक चीनी का भंडारण नहीं कर सकेगा। यह व्यवस्था 1 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। शनिवार शाम 4 बजे से रात 7 बजे तक प्रशासनिक टीम ने रजपुरा स्थित दयाशंकर एंड संस फर्म पर छापेमारी कर चीनी के स्टॉक का सत्यापन किया।

पोर्टल पर स्टॉक की जानकारी देना जरूरी
प्रशासन के अनुसार, सभी चीनी डीलरों को खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के स्टॉक मॉनिटरिंग पोर्टल पर अपने स्टॉक की घोषणा करना अनिवार्य होगा। हालांकि, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उचित मूल्य की दुकानों को आपूर्ति की जाने वाली चीनी को इस स्टॉक सीमा से बाहर रखा गया है।
गोदाम में बोरे गिने, रिकॉर्ड से किया मिलान
चीनी की जमाखोरी की शिकायत मिलने पर तहसील गुन्नौर के कस्बा रजपुरा स्थित दयाशंकर एंड संस फर्म पर टीम पहुंची। नायब तहसीलदार अनुज कुमार के नेतृत्व में रजपुरा मार्केटिंग इंस्पेक्टर स्वतंत्र कुमार और गुन्नौर क्षेत्रीय विपणन अधिकारी हरिश्चंद्र ने गोदाम में रखे चीनी के बोरों की गिनती कर स्टॉक रजिस्टर से मिलान किया। मार्केटिंग इंस्पेक्टर ने बताया कि मौके पर पूरे स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया गया है। फर्म के रिकॉर्ड, खरीद-बिक्री के बिल और लाइसेंस की भी जांच की जा रही है।

कुछ दुकानदार शटर गिराकर भागे
छापेमारी के दौरान कुछ परचून दुकानदार अपने प्रतिष्ठानों के शटर गिराकर मौके से चले गए। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद बाजार में भी हलचल दिखाई दी। अधिकारियों का कहना है कि जांच में अनियमितता मिलने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

तीनों तहसीलों में गठित की गईं टीमें
त्योहारी सीजन से पहले आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए चन्दौसी, संभल और गुन्नौर तहसीलों में संयुक्त टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें चीनी डीलरों, स्टॉकिस्टों, थोक और खुदरा विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों व गोदामों का नियमित निरीक्षण करेंगी। टीमों का मुख्य उद्देश्य रिकॉर्ड में दर्ज स्टॉक और मौके पर मौजूद वास्तविक स्टॉक का मिलान करना है।
