सनी गुप्ता, संभल3 मिनट पहले
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यूपी के संभल की जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। इस दौरान दो बड़े मामलों पर सुप्रीम को आज फैसला सुना सकती है।
पहली सुनवाई मस्जिद कमेटी की ओर से दायर उस याचिका पर होगी, जिसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सिविल सीनियर डिवीजन कोर्ट चंदौसी द्वारा शाही जामा मस्जिद और हरिहर मंदिर विवाद में दिए गए सर्वेक्षण के आदेश के खिलाफ मस्जिद कमेटी की याचिका खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट ने सिविल अदालत के सर्वेक्षण के निर्णय को बरकरार रखा था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने यह फैसला 18 मई 2025 को सुनाया था। इसके बाद मस्जिद कमेटी ने 01 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, जो 05 अगस्त को पंजीकृत हुई। इस मामले में पहली सुनवाई 22 अगस्त को हुई थी, जिसमें हिंदू पक्ष को नोटिस जारी कर 01 सितंबर की तारीख तय की गई थी। हालांकि, तब से यह मामला सूचीबद्ध नहीं हो पाया था। मस्जिद कमेटी की याचिका पर हिंदू याचिकाकर्ताओं को पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका है।
इसके अलावा दूसरा मामला जामा मस्जिद इंतजाम कमेटी बनाम जामा मस्जिद ट्रस्ट पर भी फैसला आने की उम्मीद है। सुप्रीम कोर्ट इन दोनों में समितियों में से एक की मान्यता तय करेगी। सुप्रीम कोर्ट से इन दोनों मामलों में दोपहर तक फैसला सुनाए जाने की उम्मीद है।
अब जानिए पूरा मामला…

24 नवंबर 2024 को संभल में हिंसा भड़क उठी थी।

जामा मस्जिद के लिए सर्वे टीम पहुंचने पर हुआ था विवाद।
24 नवंबर को सर्वे के दौरान हिंसा में 4 की हुई थी मौत
संभल की जामा मस्जिद को लेकर हिंदू पक्ष ने दावा किया था ये पहले हरिहर मंदिर था, जिसे बाबर ने 1529 में तुड़वाकर मस्जिद बनवा दिया। इसे लेकर 19 नवंबर, 2024 को संभल कोर्ट में याचिका दायर हुई। उसी दिन सिविल जज सीनियर डिवीजन आदित्य सिंह ने मस्जिद के अंदर सर्वे करने का आदेश दिया।
कोर्ट ने रमेश सिंह राघव को एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त किया। उसी दिन शाम 4 बजे सर्वे के लिए टीम मस्जिद पहुंच गई। 2 घंटे सर्वे किया। हालांकि, उस दिन सर्वे पूरा नहीं हुआ। इसके बाद 24 नवंबर को सर्वे की टीम जामा मस्जिद पहुंची। मस्जिद के अंदर सर्वे हो रहा था।
इसी दौरान बड़ी संख्या में लोग जुट गए। भीड़ ने पुलिस टीम पर पत्थर फेंके। इसके बाद हिंसा भड़क गई। इसमें गोली लगने से 4 लोगों की मौत हो गई थी। हिंसा के बाद पुलिस ने 3 महिलाओं सहित 79 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया था।
इसके अलावा, सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क, सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहैल इकबाल सहित 40 लोगों के खिलाफ नामजद और 2750 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। 18 जून को SIT ने 1128 पन्नों में सांसद बर्क सहित 23 लोगों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। हालांकि, सपा विधायक के बेटे सुहैल इकबाल का नाम चार्जशीट में शामिल नहीं है।
जामा मस्जिद के सदर जफर अली एडवोकेट सहित 158 अभियुक्तों को जेल भेज चुकी है जिसमें 3 महिलाएं और संभल हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता फरार गैंगस्टर शारिक साठा के तीन गुर्गे मुल्ला अफरोज, वारिस एवं गुलाम भी शामिल है, मुल्ला अफरोज पर NSA लगा है। हालांकि इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद जफर अली को बीती 1 अगस्त 2025 को मुरादाबाद जेल से रिहा कर दिया गया था, 24 मार्च को उन्हें जेल भेजा गया था और 131 दिन के बाद जेल से बाहर आए थे। आपको बता दे कि काफी अभियुक्त की जमानत इलाहाबाद हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट से हो चुकी है।


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