सनी गुप्ता, संभल16 मिनट पहले
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संभल में AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली रविवार रात करीब 9:40 बजे संभल पहुंचे। उन्होंने नगर पालिका परिषद चेयरमैन के पति चौधरी मुशीर खां के आवास पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने संभल हिंसा के आरोपी अधिवक्ता जफर अली के पार्टी में शामिल होने का बचाव करते हुए कहा कि उनके खिलाफ अभी केवल आरोप हैं, वह किसी मामले में सजायाफ्ता नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि पीएम को या तो इस्तीफा दे देना चाहिए या छात्रों से माफी मांगनी चाहिए। वहीं, राम मंदिर चोरी को लेकर कहा कि इसमें अगर कोई अब्दुल होता तो अब तक उसे गोली मार देते।
‘आरोप लगने से कोई दोषी नहीं हो जाता’
शौकत अली ने कहा कि किसी व्यक्ति पर आरोप लगने मात्र से उसे दोषी नहीं माना जा सकता। उन्होंने दावा किया कि भाजपा में भी कई ऐसे लोग हैं जिन पर विभिन्न मामलों में आरोप हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई मामलों में आरोप झूठे साबित होते हैं और अदालत से लोग बरी भी हो जाते हैं। उन्होंने आतंकवाद से जुड़े मामलों में वर्षों बाद बरी हुए कुछ मुस्लिम आरोपियों का भी उदाहरण दिया।
2027 चुनाव को लेकर जताया भरोसा
विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर शौकत अली ने कहा कि पार्टी पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी। उन्होंने स्वीकार किया कि 2022 के विधानसभा चुनाव में कुछ कमियां रह गई थीं, जिन्हें अब दूर किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि 2027 के चुनाव में उत्तर प्रदेश में AIMIM अपना खाता जरूर खोलेगी।
धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री पर भी टिप्पणी
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए शौकत अली ने कहा कि युवाओं ने अपनी ताकत दिखा दी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में तानाशाही के लिए कोई जगह नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि पीएम को भी इस्तीफा देना चाहिए या छात्रों से माफी मांगनी चाहिए।
राम मंदिर चोरी में कोई अब्दुल होता तो गोली मार देते राम मंदिर चोरी पर कहा कि राम मंदिर, चंदा उनका है और चोरी भी उनकी है। अच्छी बात यह है कि राम मंदिर ट्रस्ट में कोई अब्दुल नहीं था। वरना अब तक तो अब्दुल के पैर में गोली मार देते, हो सकता है सीने पर भी मार देते, बुलडोजर उसके घर पर पहुंच जाता। लेकिन इत्तेफाक ऐसा था कि वो बुलडोजर भी अब्दुल के यहाँ बनने को गया था, इसलिए कोई कार्रवाई नहीं हुई।
राम मंदिर प्रकरण और ‘वंदे मातरम’ बिल पर कही यह बात
वहीं, मानसून सत्र में ‘वंदे मातरम’ से जुड़े संभावित विधेयक पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सरकार के पास बहुमत है, इसलिए वह विधेयक पारित करा सकती है। उन्होंने कहा कि संविधान के दायरे में रहकर कानून का सम्मान किया जाएगा, लेकिन किसी से जबरन कोई बात कहलवाई नहीं जा सकती।
