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राइट टु एजुकेशन (RTE) के तहत प्राइवेट स्कूलों में होने वाले गरीब बच्चों के फ्री एडमिशन में मुरादाबाद के तत्कालीन जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता (DC) ने जमकर खेल किया। डीसी पर आरोप है कि गरीब बच्चों को अच्छे स्कूल दिलाने की एवज में उसने प्रति छात्र एक-एक लाख रुपये वसूल किए। इसके अलावा कई महंगे और नामी स्कूलों में आरटीई के तहत कम एडमिशन हों, इसके लिए यू डायस मैपिंग में उनकी छात्र संख्या को डीसी ने कम दर्शाया। इसके बदले में भी स्कूलों से बड़े लेनदेन के आरोप लग रहे हैं।
बहरहाल जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पेंसिया की अध्यक्षता में हुई आरटीई की बैठक में सार्वजनिक रूप से डीसी पर घूसखोरी के आरोप लगने के बाद डीसी अमित कुमार सिंह के खिलाफ मूंढापांडे थाने में विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज करा दी गई है। इसके पहले डीसी अमित सिंह के खिलाफ शिक्षा विभाग की दो सदस्यीय कमेटी ने जांच भी की थी। जांच में दोषी पाए जाने पर उसे बीएसए ने निलंबित कर दिया था।
अमित कुमार सिंह मूलत: मूंढापांडे ब्लॉक के वीरपुर बरियार प्राथमिक स्कूल का प्राधानाध्यापक है। जिसे पिछले दिनों आरटीई एडमिशन में हुई गड़बड़ियों के बाद निलंबित कर दिया गया था। बेसिक शिक्षा विभाग में उसे डीसी सामुदायिक सहभागिता के पद पर कार्य करने के लिए एक वर्ष के लिए चुना गया था। लेकिन अपनी कार्य अवधि पूरी होने के बाद भी वो दो वर्ष तक सीट पर डटा रहा। हटा दिए जाने के आदेश देने के बाद भी वो हाईकोर्ट तक पहुंच गया था। अमित कुमार सिंह पर डीसी बनने के बाद से ही आरटीई के एडमिशन में गड़बड़ियां करने के आरोप लगते रहे हैं। अब मूंढापांडे के खंड शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार ने अमित कुमार सिंह के खिलाफ मूंढापांडे थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
इस एफआईआर में राजेश कुमार सिंह ने कहा है कि, 15 मई को डीएम की अध्यक्षता में आरटीई की बैठक थी। इस बैठक में मौजूद पीएमस स्कूल, रानी प्रीतम स्कूल, एसएस चिल्ड्रेन एकेडमी,केसीएम,सेंट मीरा कांशीराम नगर, सेंट मीरा मानसरोवर,टाइनी टाट्स स्कूल,आर्यन इंटरनेशनल स्कूल,गांधी नगर पब्लिक स्कूल,सीएल गुप्ता वर्ल्ड स्कूल के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों ने जिलाधिकारी से कहा कि,सीटों की मैपिंग यूडायस पर छात्र संख्या के अनुसार 25 प्रतिशत सीट आवंटित न करते हुए अधिक सीट आवंटित कर दी गई हैं। स्कूलों के प्रिंसिपल ने कहा कि बालिका विद्यालयों में बालकों की सीटों का आवंटन कर दिया गया है। आरोप लगाया कि 70 हजार रुपये से एक लाख रुपए प्रति सीट लेकर अच्छे स्कूलों में मैपिंग वेरिफाई करके सीटें आवंटित कर दी गईं। खंड शिक्षा अधिकारी ने एफआईआर में कहा है कि मैपिंग में सीट वेरिफाई करने का उत्तरदायित्व डीसी अमित कुमार सिंह का ही था। पूर्व में भी दो सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट में इसे प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया था। इसके बाद इसे निलंबित कर दिया गया था।
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RTE सीटों के गड़बड़झाले में फंसे DC पर FIR:मुरादाबाद में एक-एक लाख रुपये लेकर कराता था महंगे स्कूलों में एडमिशन,स्कूलों से भी लाखों वसूले