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फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ में रेलवे रोड पर लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा अतिक्रमण हटाने के नोटिस के बाद भवन मालिकों ने अपने निर्माण तोड़ने शुरू कर दिए हैं। भवन मालिकों का कहना है कि वे दशकों से इन संपत्तियों पर रह रहे हैं, लेकिन अब उन्हें अतिक्रमणकारी बताया जा रहा है। राजस्व और लोक निर्माण विभाग ने 17 मार्च को सड़क के दोनों ओर की भूमि को PWD की संपत्ति घोषित किया था। इसके बाद 29 अप्रैल को भवन स्वामियों को अंतिम नोटिस जारी कर स्वयं अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी गई थी। नोटिस में 8 फीट तक के अतिक्रमण का जिक्र है। भवन स्वामियों ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया था। उनका तर्क था कि मामला दीवानी और उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, और उनके पास भवनों के वैध पट्टे तथा स्वीकृत मानचित्र मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि कुछ न्यायालयों ने PWD को सभी पक्षों को सुनने के निर्देश भी दिए थे। एक वर्ष से मिल रहे नोटिस मामले में भवन स्वामी शुक्रवार को सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और अपना पक्ष रखा। सिटी मजिस्ट्रेट ने निर्देश दिए हैं कि सभी भवन स्वामी 29 जून को PWD के अधिशासी अभियंता कार्यालय में अपने सभी अभिलेख प्रस्तुत कर अंतिम बार अपना पक्ष रखें। पवन गुप्ता ने बताया कि नोटिस काफी समय से आ रहे हैं, पहले नगर पालिका और अब PWD से। उन्होंने कहा कि उनके बाबा के समय से मकान-दुकान हैं, लेकिन अब 8 फीट का अतिक्रमण बताया जा रहा है। अर्पित साहू ने बताया कि उन्हें एक वर्ष से नोटिस मिल रहे हैं। पीडब्ल्यूडी की तरफ से नोटिस आ रहे हैं। बताया बाबा के समय की दुकान है। 12 फिट अतिक्रमण बताया गया है। दुकान को हमने खाली कर दिया है। सुनील कुमार गुप्ता ने बताया रेलवे रोड पर आधे लोगों को नोटिस दिया गया है। उन्होंने बताया हमारा मकान 100 वर्ष से बना हुआ है। अब एक वर्ष से अतिक्रमण की बात कही जा रही है। इस रोड पर करीब 30 लोगों को नोटिस दिए गए हैं। अतिक्रमण के दायरे में किसी का मकान तो किसी की दुकान जा रही है। ऐसे में कई लोग परेशान है।
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