पंजाब में 2027 के चुनाव से पहले करीब 20 लाख वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से कट सकते हैं। इसकी वजह ये है कि राज्य में वोटर लिस्ट की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत इन लोगों के इन्यूमरेशन फार्म वापस जमा नहीं हुए हैं। पंजाब की चीफ इलेक्ट्रोल अफसर (CEO)
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उन्होंने बताया कि पंजाब में बीएलओज के जरिए कुल 2 करोड़ 14 लाख 60 हजार 990 इन्यूमरेशन फार्म बांटे गए थे। जिनमें से अभी तक 1 करोड़ 93 लाख 83 हजार 698 फार्म ही वापस जमा हुए हैं। राज्य में 90.32% फार्म जमा होने के बाद अब करीब 20 लाख फार्मों को अनकलेक्टिड कैटेगरी में डाल दिया गया है। सबसे ज्यादा अनकलेक्टिड फार्म लुधियाना में हैं, जहां 4 लाख से ज्यादा फार्म वापस जमा नहीं हुए।
ये फार्म जमा कराने की आज (3 अगस्त) आखिरी डेट है। अगर ये आज आखिरी तारीख को जमा न हुए तो ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से इनके नाम कट सकते हैं। अफसरों ने स्पष्ट किया कि जो फार्म वापस नहीं आए हैं उनमें से ज्यादातर वो लोग हैं जिनकी या तो मृत्यु हो गई या फिर वो अपना एड्रेस छोड़कर चले गए हैं। इनके नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं होंगे।

फार्म जमा होने के बाद SIR में आगे क्या होगा, 5 पॉइंट में जानिए
- डॉक्यूमेंट जांच एवं ड्राफ्ट लिस्ट की तैयारी: 3 अगस्त को फॉर्म बांटने व जमा करने का फेज खत्म होने के बाद 12 अगस्त तक बीएलओ और ईआरओ सभी इन्यूमरेशन फॉर्म्स की वैरिफिकेशन करेंगे। जमा किए गए दस्तावेजों की जांच की जाएगी। इस दौरान मृत, ट्रांसफर, डुप्लीकेट और अनुपस्थित मतदाताओं की पहचान कर उन्हें सूचीबद्ध किया जाएगा और मुख्य ड्राफ्ट मतदाता सूची तैयार की जाएगी।
- ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन: 13 अगस्त को राज्य भर में ड्राफ्ट मतदाता सूची का आधिकारिक प्रकाशन कर दिया जाएगा। इस सूची को निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा और सभी बीएलओ/ईआरओ कार्यालयों में भी देखने के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। प्रत्येक नागरिक सूची में अपना और अपने परिवार का नाम जांच सकेगा।
- दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि: ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद पूरे 1 महीने का समय दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए मिलेगा। यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल नहीं हुआ है, नाम में कोई गलती है या किसी अपात्र व्यक्ति का नाम दर्ज है, तो फॉर्म 6, 7 या 8 भरकर ऑनलाइन या ऑफलाइन एतराज दर्ज कराया जा सकता है।
- आपत्तियों पर सुनवाई व निपटारा: इस अवधि के दौरान ईआरओ (ERO) प्राप्त सभी दावों और आपत्तियों का निपटारा करेंगे। जिन मामलों में दस्तावेज अधूरे हैं या कोई विवाद है, वहां संबंधित व्यक्ति को ईआरओ दफ्तर में सुनवाई के लिए नोटिस जारी कर बुलाया जाएगा। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद नाम जोड़ने, हटाने या संशोधित करने के अंतिम आदेश जारी किए जाएंगे।
- अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन: सभी संशोधनों, आपत्तियों और दावों के निपटारे के बाद 12 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। राज्य में होने वाले आगामी सभी चुनावों के लिए केवल यही अंतिम सूची मान्य होगी।
जिन वोटरों का फार्म जमा नहीं, उनका क्या होगा, 3 पॉइंट में जानिए
- ईआरओ जारी करेंगे नोटिस: बीएलओ द्वारा तैयार की गई वैरिफिकेशन रिपोर्ट के आधार पर ईआरओ ऐसे इन मतदाताओं की पहचान करेंगे और उन्हें आधिकारिक नोटिस भेजेंगे। नोटिस मिलने पर संबंधित मतदाता को ईआरओ कार्यालय में उपस्थित होकर या बीएलओ के माध्यम से निर्धारित समय-सीमा के भीतर लिखित जवाब देना होगा।
- दस्तावेज जमा करवाने होंगे: मैपिंग की प्रक्रिया पूरी करवाने के लिए मतदाता को अपने वैध दस्तावेज जमा कराने होंगे। यदि आपके पास 2003 एसआईआर का प्रूफ है तो वह सबसे मजबूत दस्तावेज माना जाएगा। इसके अलावा वोटर आईडी, आधार कार्ड और निवास का वैध प्रमाण प्रस्तुत करना होगा।
- डिजिटल वैरिफिकेशन: दस्तावेज जमा होने के बाद बीएलओ और ईआरओ की टीम रिकॉर्ड का मिलान करेगी। सत्यापन सही पाए जाने पर मतदाता के रिकॉर्ड को संबंधित पोलिंग स्टेशन और फैमिली ट्री के साथ डिजिटल रूप से मैप कर दिया जाएगा।

आपका इन्यूमरेशन फार्म जमा नहीं हुआ तो अपनाएं ये 3 तरीके…
1. ईआरओ (ERO) या बीएलओ (BLO) दफ्तर जाकर
- सही फॉर्म का चुनाव करें: नया नाम जोड़ने के लिए फॉर्म 6, किसी अपात्र/मृत व्यक्ति का नाम हटाने या आपत्ति के लिए फॉर्म 7 और अपने विवरण (नाम, पता, फोटो, आयु आदि) में संशोधन के लिए फॉर्म 8 प्राप्त करें।
- दस्तावेज अटैच करें: भरे हुए फॉर्म के साथ अपनी पहचान और निवास का प्रमाण लगाएं। यदि आपके पास 2003 एसआईआर का प्रूफ है तो उसकी कॉपी अवश्य लगाएं। इसके अलावा आधार कार्ड, बिजली बिल, पानी का बिल, बैंक पासबुक या पासपोर्ट की सेल्फ-अटेस्टेड फोटोकॉपी लगाएं।
- जमा करके रसीद लें: यह फॉर्म अपने इलाके के बीएलओ या तहसील स्थित ईआरओ कार्यालय में जमा करवाएं और काउंटर से आधिकारिक रसीद जरूर प्राप्त करें।
2. voters.eci.gov.in के जरिए
- पोर्टल पर जाएं: भारत निर्वाचन आयोग के आधिकारिक वेब पोर्टल voters.eci.gov.in पर जाएं। अपने मोबाइल नंबर और ओटीपी (OTP) की मदद से पोर्टल पर साइन-अप/लॉगिन करें।
- फॉर्म भरें और डॉक्यूमेंट अपलोड करें: अपनी जरूरत के हिसाब से फॉर्म 6, 7 या 8 चुनें। मांगी गई जानकारियां भरें और अपने दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करें।
- सबमिट कर ट्रैकिंग नंबर लें: फॉर्म सबमिट होने के बाद आपको स्क्रीन पर एक रेफरेंस नंबर (Reference Number) मिलेगा। इसे संभाल कर रखें, ताकि आप बाद में अपने आवेदन का स्टेटस ऑनलाइन ट्रैक कर सकें।
3. Voter Helpline App के जरिए
- ऐप डाउनलोड करें: अपने स्मार्टफोन के Google Play Store या Apple App Store से Voter Helpline App इंस्टॉल करें। मोबाइल नंबर और ओटीपी दर्ज करके ऐप में लॉगिन करें।
- ‘Forms’ विकल्प चुनें: ऐप के होम स्क्रीन पर दिख रहे Forms सेक्शन पर क्लिक करें और संबंधित फॉर्म (Form 6, 7 या 8) का चयन करें।
- फोटो व दस्तावेज अपलोड करें: अपने फोन के कैमरे से सीधे दस्तावेजों की फोटो खींचकर या गैलरी से अपलोड करें और फॉर्म जमा कर दें। आपको तुरंत ऐप पर ही Reference ID मिल जाएगी।
