मनु कुमार सिंह | प्रतापगढ़2 मिनट पहले
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प्रतापगढ़ जिलाधिकारी अभिषेक पाण्डेय ने कैम्प कार्यालय सभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने कर-करेत्तर, आईजीआरएस, जनगणना, स्थानांतरण नीति और राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों की स्थिति पर चर्चा की। डीएम ने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकताओं वाले मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को निर्देश दिए कि 5 वर्ष और 3 वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए।

उन्होंने धारा-24 और धारा-116 से संबंधित मामलों में तेजी लाने और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। अंश निर्धारण से जुड़े मामलों में भी शीघ्रता लाने को कहा गया। स्थानांतरण नीति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट और तहसीलों में पटल परिवर्तन तथा लेखपालों के स्थानांतरण की प्रक्रिया 31 मई तक हर हाल में पूरी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने तहसीलों में साफ-सफाई, अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा आवश्यक उपकरणों की खरीद के लिए जल्द प्रस्ताव भेजने को भी कहा। आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि निस्तारण केवल औपचारिकता न हो, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि को प्राथमिकता दी जाए।

प्रत्येक शिकायत पर गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई कर फीडबैक लेने के निर्देश दिए गए, ताकि एक ही शिकायत बार-बार दर्ज न हो। जनगणना कार्यों की समीक्षा के दौरान डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि कोई कर्मचारी लापरवाही करता है या ड्यूटी से अनुपस्थित रहता है, तो उसके खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी।
