Pilibhit Rabies Cases | Health Dept Worried Vaccination Failure 2026

पीलीभीत10 मिनट पहले

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पीलीभीत जिले में रेबीज संक्रमण के दो मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में चिंता बढ़ गई है। ये मामले बरखेड़ा और पूरनपुर क्षेत्र से रिपोर्ट किए गए हैं। इन घटनाओं ने एंटी रेबीज वैक्सीन (ARV) की प्रभावशीलता और इलाज के प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पहला मामला बरखेड़ा के बसई पुरैना गांव से है, जहां एक 14 वर्षीय किशोर रेबीज से संक्रमित पाया गया। जानकारी के अनुसार, उसे सात साल पहले कुत्ते ने काटा था, लेकिन उस समय टीकाकरण का कोर्स पूरा नहीं किया गया था। रविवार रात किशोर में असंतुलित व्यवहार और पानी से डरने (हाइड्रोफोबिया) जैसे लक्षण दिखाई दिए।

व्यक्ति में संक्रमण के लक्षण दिखाई दिए

जिला अस्पताल से उसे लखनऊ रेफर किया गया था, लेकिन परिजनों ने उसे घर ले जाकर ‘देशी औषधि’ दी और अब उसके स्वस्थ होने का दावा कर रहे हैं। हालांकि, चिकित्सा विशेषज्ञों ने रेबीज के लक्षण दिखने के बाद सुधार के ऐसे दावों को चिंताजनक बताया है।

दूसरा मामला पूरनपुर के मुजफ्फरनगर गांव का है। यहां एक व्यक्ति को कुत्ता काटने के बाद नियमानुसार एंटी रेबीज वैक्सीन (ARV) के चार टीके लगाए गए थे। इसके बावजूद, व्यक्ति में संक्रमण के लक्षण दिखाई दिए और वह मानसिक संतुलन खोने लगा। यह घटना स्वास्थ्य विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है, क्योंकि टीकाकरण के बावजूद संक्रमण फैलने का कारण स्पष्ट नहीं है।

गर्मी बढ़ने के साथ ही कुत्तों के काटने की घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है। जिला अस्पताल के आंकड़े बताते हैं कि 11 मई को 108 मरीज, 9 मई को 94 मरीज और 6 से 8 मई के बीच प्रतिदिन औसतन 75-80 मरीज कुत्ते के काटने के बाद इलाज के लिए पहुंचे।

मरीजों के घर पहुंचकर स्क्रीनिंग करने के निर्देश

CMO डॉ. आलोक कुमार ने इन मामलों की गंभीरता को देखते हुए संबंधित क्षेत्रों के चिकित्साधिकारियों को तत्काल मरीजों के घर पहुंचकर स्क्रीनिंग करने और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। डॉ. कुमार ने कहा, ‘हमें दो रेबीज संक्रमितों की सूचना मिली है। स्क्रीनिंग जारी है। आमजन से अपील है कि कुत्ता काटने पर टीकाकरण का कोर्स कभी न छोड़ें।’

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