बृजेश कुमार गुप्ता | महराजगंज7 मिनट पहले
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नेपाल में लगातार बिगड़ते बाढ़ के हालात का असर अब पर्यटन और सड़क यातायात पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। काठमांडू, पोखरा, चितवन और नेपालगंज जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों की ओर जा रहे भारतीय पर्यटक रास्ते में जलभराव और बाधित सड़क मार्गों के कारण अपनी यात्रा बीच में ही छोड़कर भारत लौट रहे हैं।
सोनौली सीमा पर वापस लौटे यात्रियों ने नेपाल के कई इलाकों में बाढ़ की गंभीर स्थिति का अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि सड़कों पर पानी भरा हुआ है और आगे का मार्ग सुरक्षित नहीं है, जिससे उन्हें अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ी।
रक्सौल, बिहार के चंदन कुमार ने बताया कि वह बाइक से नेपालगंज जा रहे थे। रास्ते में जगह-जगह पानी फैला हुआ था और आगे का मार्ग सुरक्षित नहीं था। स्थिति को देखते हुए उन्होंने यात्रा बीच में ही रोककर वापस लौटने का फैसला किया।
केरल निवासी मधुर अपने परिवार के साथ पोखरा घूमने जा रहे थे। उन्होंने जानकारी दी कि रास्ते में बाढ़ की स्थिति देखकर उनके परिवार ने नेपाल जाने का कार्यक्रम रद्द कर दिया। भारत लौटने के बाद ही परिवार ने खुद को सुरक्षित महसूस किया।

भारतीय पर्यटक रास्ते में जलभराव के कारण बीच से ही भारत लौट रहे हैं।
मुंबई की मीना सतपाल अपने परिवार के साथ काठमांडू जा रही थीं। नारायणघाट के पास उन्हें रोक दिया गया और काफी देर तक सड़क पर इंतजार करना पड़ा। इस दौरान बाढ़ और मार्गों की लगातार बिगड़ती स्थिति की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने यात्रा रद्द कर वापस लौटने का निर्णय लिया।
इसी तरह, गोरखपुर निवासी रजनीश भी चितवन से काठमांडू जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन बाढ़ की सूचना मिलने के बाद वापस लौट आए। उन्होंने बताया कि रास्ते में मिल रही जानकारी से स्थिति की गंभीरता का अंदाजा हो रहा था।
कई पर्यटकों ने बताया कि उन्हें घंटों रास्ते में फंसे रहना पड़ा। कुछ यात्रियों ने अपने स्वजनों के लगातार फोन आने और नेपाल के बिगड़ते हालात की जानकारी मिलने के बाद अपनी यात्रा समाप्त कर दी।
सोनौली सीमा पर सुरक्षित भारत पहुंचने के बाद लौटे यात्रियों ने राहत की सांस ली। बाढ़ की इस स्थिति ने नेपाल जाने वाले भारतीय पर्यटकों के बीच चिंता बढ़ा दी है और पर्यटन गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।
