नई दिल्ली3 मिनट पहले
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एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा के व्यक्तिगत दिवालिया मामले में ₹22,006.57 करोड़ के दावों के मुकाबले ₹6.5 करोड़ की भुगतान योजना अटक गई है। दो सदस्यीय बेंच में बहुमत नहीं बनने के बाद एनसीएलटी ने मामले पर फैसले के लिए अपने इतिहास में पहली बार 5 सदस्यीय बेंच बनाई है।
प्रेसिडेंट जस्टिस अनुपिंदर ग्रेवाल अध्यक्षता करेंगे और बेंच मंगलवार सुबह 10:15 बजे सुनवाई करेगी। दो सदस्यीय बेंच ने पहले अलग-अलग फैसले दिए थे।
ज्यूडिशियल मेंबर अशोक भारद्वाज ने योजना को समर्थन करने वाले 80.8% लेनदारों तक सीमित रखा और असहमत लेनदारों को अलग वसूली की छूट दी। टेक्निकल मेंबर रीना सिन्हा पुरी ने योजना खारिज कर दी थी। तीसरे सदस्य नीलेश शर्मा ने योजना मंजूर की, पर सभी लेनदारों पर लागू माना।
अब मूल बेंच ने कहा, बहुमत नहीं बना और अंतिम आदेश नहीं दिया जा सकता। योजना में ₹6.25 करोड़ लेनदारों को और ₹25 लाख प्रक्रिया खर्च के लिए देने का प्रस्ताव है।
यानी लेनदारों को दावों की 99.97% रकम छोड़नी होगी। एलआईसी हाउसिंग, केनरा और यूनियन बैंक की अपील पर भी मंगलवार सुबह सुनवाई होगी।
