रिजवान खान | मेरठ2 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

मेरठ में पुलिस विभाग की पारंपरिक खेल प्रतियोगिता ‘स्मार्ट फिटनेस एंड स्ट्रेंथ चैलेंज–2026’ का बृहस्पतिवार को हाई-टेक अंदाज़ में समापन हुआ। पुलिस लाइन में आयोजित इस इवेंट में खिलाड़ियों ने डिजिटल उपकरणों के साथ अपनी परफॉर्मेंस साबित की। डीआईजी कलानिधि नैथानी ने विजेताओं को सम्मानित किया।
इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों की परफॉर्मेंस को एआई आधारित फिटनेस ट्रैकर्स, डिजिटल स्कोरिंग सिस्टम और लाइव एनालिटिक्स के जरिए मॉनिटर किया गया। प्रत्येक खिलाड़ी की ताकत, संतुलन और स्टैमिना को रियल टाइम डेटा के रूप में रिकॉर्ड किया गया, जिससे प्रतियोगिता अधिक पारदर्शी और सटीक बनी।

डीआईजी कलानिधि नैथानी ने इस अवसर पर कहा कि अब पुलिसिंग केवल शारीरिक क्षमता तक सीमित नहीं है। इसमें टेक्नोलॉजी, डेटा एनालिटिक्स और स्मार्ट ट्रेनिंग का बड़ा योगदान है।
प्रतियोगिता में मेरठ जोन ने इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शानदार प्रदर्शन करते हुए दो कैटेगरी में रनर-अप स्थान हासिल किया। पीएसी और आगरा जोन की टीमों ने भी दमदार प्रदर्शन किया।
शामिल जवानों ने स्मार्ट जिम इक्विपमेंट और सेंसर बेस्ड ट्रेनिंग के जरिए अपनी फिटनेस का स्तर प्रदर्शित किया। यह आने वाले समय में पुलिस ट्रेनिंग का एक नया मॉडल बन सकता है।
कार्यक्रम में एसएसपी अविनाश पांडेय और एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने इस पहल को ‘फ्यूचर पुलिसिंग’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
समापन समारोह ने यह स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश पुलिस अब पारंपरिक खेलों से आगे बढ़कर टेक्नोलॉजी के माध्यम से फिटनेस और दक्षता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की तैयारी में है। ‘फिर मिलेंगे’ के संदेश के साथ यह प्रतियोगिता समाप्त हुई, जिसे यूपी पुलिस की डिजिटल फिटनेस क्रांति की शुरुआत माना जा रहा है।
