मेरठ में कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान एकीकृत कंट्रोल रूम एंड कमांड सेंटर (ICCC) सुरक्षा व्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित हुआ। कांवड़ मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों से लेकर फील्ड पुलिस और आरटी सेट तक, हर सूचना को रियल टाइम में संबंधित टीम तक पहुंचाया
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तीन तस्वीरें देखें…

एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से कांवड़ यात्रा की निगरानी करते पुलिसकर्मी।

आरटी सेट पर मौजूद पुलिसकर्मियों का दल।

बाबा औघड़नाथ मंदिर में सीसीटीवी कंट्रोल रूम के निरीक्षण के दौरान फुटेज देखते डीएम डा. वीके सिंह और एसएसपी अविनाश कुमार पांडेय।
एसएसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि ICCC में प्राप्त सूचनाओं में 131 सीसीटीवी कैमरों से, 107 आरटी सेट से और 158 विभिन्न विभागों के माध्यम से मिलीं। सूचना मिलते ही संबंधित पुलिस या विभागीय टीम को सक्रिय किया गया और मौके पर कार्रवाई कराई गई। कांवड़ मार्ग पर जाम, जलभराव, गड्ढे, टूटे बैरिकेड, भारी वाहनों की आवाजाही और अन्य अवरोधों को दूर कराने में कंट्रोल रूम और फील्ड टीमों के बीच लगातार समन्वय बना रहा।
सीसीटीवी कैमरों ने पकड़ीं 131 समस्याएं कांवड़ मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों ने कई ऐसी समस्याओं की तत्काल पहचान की जो हादसे अथवा अव्यवस्था की वजह बन सकती थीं। कैमरों से मिली 131 सूचनाओं में 50 पशु संबंधी, 12 वाहन संबंधी, 32 गड्ढों से जुड़ी और 37 अन्य सूचनाएं थीं। पशु संबंधी मामलों में घोड़े के बिदकने, घुमंतू पशु के सड़क पार करने और नीलगाय दिखाई देने जैसी घटनाएं शामिल रहीं। वहीं, सड़क पर वाहन खड़ा होने की शिकायतें भी कैमरों के जरिये पकड़ी गईं।
आरटी सेट पर पहुंची 107 सूचनाएं फील्ड पुलिस के आरटी सेट से भी कंट्रोल रूम को लगातार सूचनाएं मिलती रहीं। कुल 107 सूचनाओं में 39 एक्सीडेंट, 11 बैरिकेडिंग की बल्लियां खुलने या टूटने, आठ बिजली, आठ सड़क पर पानी भरने या गड्ढे, आठ जाम, दो चोरी और 31 अन्य मामलों से संबंधित थीं। सूचना मिलते ही संबंधित पुलिस टीम को मौके पर भेजकर स्थिति संभाली गई।
जाम से लेकर जलभराव तक कराया दूर कांवड़ मार्ग पर कहीं जाम लगा तो कहीं भारी वाहन पहुंच गए। बारिश के कारण सड़क पर जलभराव और गड्ढों की समस्या भी सामने आई। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग टूटने या खुलने की सूचनाएं मिलीं। ICCC ने इन सभी मामलों में यातायात पुलिस, स्थानीय थाना पुलिस, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई से समन्वय स्थापित किया। इसके बाद मौके पर टीम पहुंची और रास्ता सुचारू कराया गया।
तकनीक और पुलिस का रियल टाइम नेटवर्क एसएसपी ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान ICCC केवल निगरानी केंद्र नहीं रहा, बल्कि तकनीक, पुलिस और विभिन्न विभागों को जोड़ने वाले मजबूत समन्वय केंद्र के रूप में काम करता रहा। कैमरे से समस्या दिखी तो फील्ड टीम सक्रिय हुई। आरटी सेट से सूचना मिली तो संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल निर्देश दिए गए और विभागीय समस्या होने पर संबंधित विभाग को सूचना देकर कार्रवाई कराई गई। इससे समस्या सामने आने और उसके समाधान के बीच का समय काफी कम हुआ।
X पर #DhanywadMeerutPolice नंबर-1 कांवड़ यात्रा के दौरान मेरठ पुलिस की व्यवस्था और तकनीक के इस्तेमाल को सोशल मीडिया पर भी व्यापक समर्थन मिला। #DhanywadMeerutPolice एक्स की पॉलिटिक्स श्रेणी में नंबर-1 ट्रेंड रहा। देशभर से लोगों ने इस अभियान और मेरठ पुलिस की व्यवस्थाओं को समर्थन दिया। तकनीक के जरिये कांवड़ यात्रा के दौरान व्यवस्थाओं की निगरानी और समस्याओं के त्वरित समाधान को पुलिस की बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा गया।