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मेरठ में शनिवार को दिनभर हुई बारिश के कारण धान-गन्ने की फसल को भारी नुकसान की संभावना है। शनिवार की सुबह लगभग 5 बजे से बारिश शुरू हुई थी। शहर, देहात के इलाकों में लगातार पूरे दिन बारिश होती रही। इसकी वजह से खेतों में खड़ी फसलें बारिश के प्रभाव के कारण झुक गईं, तो कई जगह फसलें खेत में ही बिछ गई। वहीं खेतों में बारिश का पानी भरने के कारण नीचे से फसल गलकर खेतों में ही गिर गई। इसकी वजह से पौध को काफी नुकसान हुआ है। रविवार को भी सुबह से बारिश जारी है, इसकी वजह से किसान फसल को ठीक भी नहीं कर पा रहे। खेतों ही गिर पड़ी फसल खेतों में पानी भरने से धान और गन्ने की फसल को नुकसान माना जा रहा है। धान कई जगह पककर तैयार खड़ी है, तो कई जगह खेतों में कटी फसल पानी में डूब गई है। तेज हवा और बारिश से गन्ने की फसल भी खेतों में गिर गई है। इससे फसल की गुणवत्ता और बाजार मूल्य पर असर पड़ेगा। किसानों ने प्रशासन से खेतों से पानी निकालने और प्रभावित फसलों का सर्वे कराकर मदद दिलाने की मांग की है। कटी धान का दाना पड़ जाएगा काला कृषि विशेषज्ञ डॉ. आर के सेंगर ने बताया कि कटी धान में नमी से दाने काले पड़ सकते हैं या सड़ सकते हैं। गिरे गन्ने में जड़ सड़न और कीटों का प्रकोप बढ़ सकता है। उन्होंने किसानों को खेतों से पानी निकालने और कटी फसल सुखाने की सलाह दी। खेतों में पानी की निकासी सही बनाएं। कटी हुई धान की फसल को पानी से निकालकर सुरक्षित और हवादार स्थान पर सुखाने का प्रयास करें। गन्ने में रोग, सड़न बढ़ सकती है गन्ने के खेतों में जलभराव को रोकने के लिए नालियां बनाकर पानी बाहर निकालना जरूरी है। गिरी हुई गन्ने की फसल की समय पर निगरानी करते रहें और रोग या सड़न के लक्षण दिखाई देने पर कृषि विशेषज्ञ से सलाह लें। तेज बारिश और हवा से गन्ने की फसल गिर गई है। इससे किसानों को नुकसान हुआ है। गन्ना बढ़वार की अवस्था में था। लगातार बारिश से खेतों में पानी भर गया और तेज हवा से फसल एक-दूसरे पर गिर गई। हवा से धान की फसल को नुकसान बारिश के साथ तेज हवा चलने से खेतों में खड़ी धान की फसल प्रभावित हुई है। कई स्थानों पर धान की फसल के पौधे झुक गए हैं। किसानों के अनुसार, यदि हवा और बारिश का सिलसिला जारी रहा तो पकने की अवस्था में पहुंच चुकी धान की फसल को नुकसान हो सकता है। हालांकि हल्की बारिश से खेतों में नमी बढ़ने से अन्य खरीफ फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है। अगले 24 घंटे बारिश के आसार मौसम विभाग के ,अनुसार अगले 24 घंटे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला रह सकता है। बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। बारिश का दौर थमने के बाद मौसम में धीरे-धीरे बदलाव देखने को मिल सकता है। खरीफ फसलों पर ज्यादा संकट इस बारिश, हवा से खेतों में खड़ी खरीफ फसलों पर ज्यादा प्रभाव पड़ने की आशंका है। खासकर पकने की अवस्था में पहुंच चुकी धान और मोटे अनाज की फसलों में तेज हवा के साथ बारिश से पौधे गिर सकते हैं। वहीं, दूसरी ओर बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी बनने के कारण आगामी रबी सीजन की तैयारियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। रबी की तैयारी के लिए बारिश फायदेमंद कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिक डॉ. आरएस सेंगर के अनुसार, बारिश से मिट्टी में बनी नमी आगामी रबी फसलों के लिए उपयोगी साबित होगी। गेहूं, सरसों, आलू और अन्य रबी फसलों की बुवाई से पहले खेत तैयार करने में इसका लाभ मिल सकता है। पर्याप्त नमी रहने से शुरुआती सिंचाई की जरूरत भी कम हो सकती है। हालांकि, बारिश के तुरंत बाद खेत में जुताई या बुवाई करने से बचना चाहिए। मिट्टी जब जुताई के लिए उचित स्थिति में आ जाए, तभी खेत की तैयारी करना बेहतर होगा। फिलहाल सिंचाई और छिड़काव रोकें कृषि वैज्ञानिक ने किसानों को सलाह दी कि बारिश के दौरान खेतों में अतिरिक्त सिंचाई न करें। रासायनिक दवाओं और उर्वरकों का छिड़काव भी फिलहाल रोक दें। मौसम साफ होने और खेतों से अतिरिक्त पानी निकलने के बाद ही फसल की स्थिति देखकर अगली कृषि क्रिया करें। विशेष रूप से पकी धान और दलहनी फसलों में लगातार नमी पर नजर रखें
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मेरठ में बारिश से धान-गन्ने की फसल खराब:खेतों में पानी भरने से पौध गलने की आशंका, जमीन पर बिछ गई फसलें