Meerut DVPST Data Theft Rumor

मेरठ एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने DVPST यानी डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन एंड फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट केंद्र से डाटा चोरी होने की सूचना का खंडन किया है। उन्होंने एक प्रेसनोट जारी किया है, जिसमें इस तरह की खबर को भ्रामक बताया है। उन्होंने एसपी लाइन को मामले क

.

दरअसल, 9 सितंबर को लिपिक संवर्ग के पुलिसकर्मी कमल सैनी जब DVPST केंद्र पर पहुंचे तो उन्होंने पाया कि वहां से कंप्यूटर मय सिस्टम गायब है। इस कंप्यूटर में पुलिस और होमगार्ड भर्ती के नापतोल और शैक्षिक प्रमाण पत्र के वेरिफिकेशन का डाटा था। कमल सैनी ने अपने स्तर से छानबीन शुरु की। उन्होंने स्टोर के संचालक हेड कांस्टेबल बेबी से पूछा तो उन्होंने भी अनभिज्ञता जता दी।

अगले दिन फिर हुआ सामान चोरी कमल सैनी अपने स्तर से छानबीन कर रहे थे। उन्होंने किसी अफसर को इसकी जानकारी नहीं दी। अगले दिन वह अपने कार्यालय पहुंचे तो पाया कि वहां से सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर की दो हार्ड डिस्क गायब हैं। यही नहीं केंद्र से मुख्य गेट तक की करीब 700 मीटर सीसीटीवी कैमरों की वायर चोरी कर ली गई।

पता चलते ही छुट्टी पर गए आरआई इस मामले की जानकारी 24 घंटे से ज्यादा समय बीतने के बाद कमल सैनी ने आरआई हरपाल सिंह को दी। बताया जाता है कि हरपाल सिंह ने मामले में गंभीरता नहीं दिखाई और वह छुट्टी पर चले गए। मजबूर होकर मामले की जानकारी एसपी क्राइम को दी गई।

साइबर थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट बताया जाता है कि लखनऊ से कुछ डाटा मांगा गया था जो इसी केंद्र पर लगे कंप्यूटर सिस्टम में रखा जाता है। लेकिन कंप्यूटर चोरी हो चुका था। इसका पता चलते ही एसपी क्राइम ने रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए। साइबर थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया गया।

एसएसपी ने डेटा गायब होने का खंडन किया मामला एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति तक पहुंचा तो उन्होंने जांच के आदेश दे दिए। अभी तक कई लोगों से पूछताछ हो चुकी है लेकिन रिकवरी नहीं हो पाई है। गुरुवार को एसएसपी ने DVPST संबंधित डाटा व अभिलेख गायब होने की सूचनाओं को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने दावा किया कि मुख्य सर्वर में डाटा सुरक्षित है। परीक्षा वाले दिन ही वह अपलोड कर दिया जाता है। उन्होंने इस मामले की जांच एसपी लाइन को सौंपी है।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *