सुशील सिंह | मऊ3 मिनट पहले
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मऊ जिला कलेक्ट्रेट परिसर में गुरुवार को ऑटो रिक्शा चालक समिति और दर्जनों ऑटो व ई-रिक्शा चालकों ने प्रदर्शन किया। चालकों ने मऊ जंक्शन रेलवे मार्ग पर अवैध वसूली, गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को पत्र सौंपा। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
ऑटो यूनियन के जिलाध्यक्ष इकबाल अहमद अंसारी ने कहा कि रेलवे स्टेशन मार्ग पर ऑटो और ई-रिक्शा चालकों से तय रकम से ज्यादा पैसे वसूले जा रहे हैं। उनका आरोप है कि गरीब चालक जब इसका विरोध करते हैं तो उनके साथ दबंगई की जाती है। चालकों का कहना है कि लंबे समय से चल रही इस कथित वसूली के कारण उन्हें डर के माहौल में काम करना पड़ रहा है।
तय रकम से ज्यादा पैसे लेने का आरोप
ऑटो चालकों के मुताबिक, मऊ जंक्शन रेलवे मार्ग पर ऑटो और ई-रिक्शा चालकों से निर्धारित रकम से अधिक पैसा मांगा जाता है। यूनियन का आरोप है कि रकम देने से इनकार करने पर चालकों के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। जिलाध्यक्ष इकबाल अहमद अंसारी ने अधिकारियों से इस व्यवस्था की जांच कर यह पता लगाने की मांग की है कि किसके कहने पर और किस आधार पर वसूली की जा रही है।

रिक्शा चालकों ने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
गाली और जातिसूचक शब्द कहने का आरोप
चालकों ने आरोप लगाया कि अवैध वसूली का विरोध करने पर उन्हें भद्दी गालियां दी जाती हैं और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित किया जाता है। उनका यह भी कहना है कि पैसे नहीं देने पर रेलवे स्टेशन परिसर में दोबारा नहीं आने की धमकी दी जाती है। इससे कई चालक विरोध करने के बजाय डरकर पैसे देने को मजबूर हैं।
यात्रियों को भी परेशानी, विवाद बढ़ने का खतरा
समिति ने डीएम और एसपी को दिए पत्र में कहा कि कथित अवैध वसूली और दबंगई का असर सिर्फ ऑटो चालकों तक सीमित नहीं है। इससे रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों को भी परेशानी हो रही है। चालकों का कहना है कि दबंगई के चलते कभी भी मारपीट की स्थिति बन सकती है, जिससे स्टेशन क्षेत्र की शांति और यातायात व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा है।
डीएम-एसपी से जांच और कार्रवाई की मांग
ऑटो चालक समिति ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, कथित अवैध वसूली पर रोक और चालकों को धमकाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। समिति का कहना है कि कार्रवाई होने से चालक बिना डर के काम कर सकेंगे और रेलवे स्टेशन के आसपास यातायात व्यवस्था भी बेहतर होगी। प्रदर्शन के दौरान राजन, मनोज, हरिकेश, रमेश, विपिन, राजू समेत दर्जनों ऑटो और ई-रिक्शा चालक मौजूद रहे।
