अंकित श्रीवास्तव | जौनपुर2 मिनट पहले
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जौनपुर में 16 रुपए के कैरी बैग को लेकर शुरू हुई कानूनी लड़ाई में उपभोक्ता को बड़ी राहत मिली है। जौनपुर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने लखनऊ स्थित लुलु हाइपरमार्केट को उपभोक्ता को 4,516 रुपए का भुगतान करने का आदेश दिया है।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि यह भुगतान 45 दिन के भीतर नहीं किया जाता है, तो पूरी राशि पर छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। यह निर्णय उपभोक्ता अधिकारों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आयोग के अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह और सदस्य गीता की पीठ ने यह फैसला जौनपुर के उमरपुर-रूहट्टा निवासी घनश्याम प्रसाद ओझा द्वारा दायर परिवाद पर सुनाया। परिवादी की ओर से अधिवक्ता हिमांशु श्रीवास्तव ने पैरवी की।
परिवाद के अनुसार, घनश्याम प्रसाद ओझा ने 1 मार्च 2025 को लखनऊ के लुलु हाइपरमार्केट से 669 रुपये की खरीदारी की थी। बिलिंग के समय उनसे कैरी बैग के लिए 16 रुपये अतिरिक्त वसूल लिए गए। ओझा का आरोप था कि मॉल में ग्राहकों को अपना बैग भीतर ले जाने की अनुमति नहीं थी, और न ही कहीं यह सूचना प्रदर्शित की गई थी कि कैरी बैग के लिए अलग से शुल्क लगेगा। जिस कैरी बैग के लिए पैसे लिए गए थे, उस पर भी कीमत अंकित नहीं थी।
सुनवाई के दौरान, आयोग ने माना कि खरीदारी पूरी होने के बाद ग्राहक को कैरी बैग खरीदने के लिए विवश करना उचित व्यापारिक आचरण नहीं है। आयोग ने कहा कि किसी भी वस्तु की कीमत और उसकी जानकारी पहले से उपलब्ध कराना विक्रेता का दायित्व है, ताकि उपभोक्ता अपनी इच्छा से निर्णय ले सके। बिना पूर्व सूचना के अतिरिक्त शुल्क वसूलना उपभोक्ता के अधिकारों का हनन है।
आयोग ने अपने आदेश में लुलु हाइपरमार्केट को 16 रुपये कैरी बैग की कीमत, 1500 रुपये मानसिक उत्पीड़न एवं अनुचित व्यापारिक व्यवहार के लिए, और 3000 रुपये वाद व्यय के रूप में अदा करने का निर्देश दिया। कुल मिलाकर, हाइपरमार्केट को 4516 रुपये का भुगतान करना होगा।
