घर में अंदर पड़ी दंपती की लाश। विलाप करते हुए परिजन।
मम्मी-डैडी सुबह से फोन नहीं उठा रहे हैं, प्लीज… तुरंत घर जाकर देखो। मुझे बहुत घबराहट हो रही है…। यह कहते हुए सात समंदर पार कनाडा से बेटी बार-बार रिश्तेदारों को फोन करती रही। उसे अनहोनी की आशंका सता रही थी।
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उसने सिर्फ एक या दो बार नहीं, बल्कि 24 घंटे में अपनी बुआ, फूफा और दूसरे रिश्तेदारों को 100 से ज्यादा कॉल की। वह फोन पर रोती, गिड़गिड़ाती और बस एक ही मिन्नत करती कि कोई एक बार लुधियाना में जनता नगर वाले घर जाकर देख आए।
दूसरी तरफ, वह लगातार अपने मम्मी-डैडी के फोन पर भी ट्राई कर रही थी। फोन पर रिंग लगातार जा रही थी, लेकिन कोई फोन उठा नहीं रहा था। हालांकि एक बार महिला ने कॉल उठा लिया, तो उसने सही से बात नहीं की। इससे उसका शक बढ़ गया। आखिर में बेटी की कॉल के बाद बुआ-फूफा व पड़ोसी उसके घर गए तो पता चला कि उसके मम्मी-डैडी की किसी ने हत्या कर दी।
ज्योति अभी अनमैरिड है और कनाडा में पढ़ती है। उसके फूफा दविंदर सिंह ने बताया कि वो रोजाना अपने मम्मी-डैडी से बात करती रहती थी। यही नहीं वो उनको भी फोन करती थी कि मम्मी-डैडी का ख्याल रखना। दरअसल, ज्योति का एक भाई था, जिसकी 2006 में सड़क हादसे में मौत हो गई थी।
मृतक बुजुर्ग दंपती- 70 साल के कुलदीप सिंह और उनकी 73 साल की पत्नी हरमीत कौर अपने घर में बिल्कुल अकेले रहते थे। दंपती की पांच बेटियां हैं, चार शादीशुदा हैं। इनमें से चार बेटियां विदेश में रहती हैं, जबिक एक गाजियाबाद में रहती है। माता-पिता अकेले थे, इसलिए कनाडा में रहने वाली बेटी ज्योति रोज अपने माता-पिता से फोन पर बात करती थी। पढ़ें पूरी रिपोर्ट…

बेटी ज्योति के साथ मां हरमीत कौर और पिता कुलदीप सिंह। (फाइल फोटो)
डबल मर्डर का पता कैसे लगा सिलसिलेवार जानिए…
- ज्योति का फोन रिसीव नहीं किया: ज्योति कनाडा से रोज अपने मम्मी-डैडी को कॉल करती थी। शुक्रवार (29 मई) को जब उसने कॉल की तो न तो मम्मी ने फोन उठाया न पापा ने। उसे लगा कि कहीं विजी होंगे। उसने दिन में कई बार कॉल की, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
- फूफा को फोन किया पता करो: ज्योति के फूफा दविंदर सिंह ने बताया कि ज्योति ने फिर उन्हें फोन किया और वह बहुत घबराई हुई थी। उसने कहा कि मम्मी-डैडी सुबह से फोन नहीं उठा रहे हैं। ज्योति के फूफा ने बताया, रात को ढाई बजे भी ज्योति का बार-बार फोन आ रहा था। वह बस एक ही बात पूछ रही थी कि मम्मी-डैडी फोन क्यों नहीं उठा रहे? आप लोग जाकर देखो। उसने कम से कम 100 बार फोन किया। उन्होंने बताया कि वो कभी बुआ के नंबर पर कॉल करती रही कभी मेरे नंबर पर।
- रिश्तेदार भी करने लगे फोन: दविंदर सिंह ने बताया कि ज्योति का फोन आने के बाद वो भी अपने साले यानि ज्योति के डैडी को फोन करने लगे। लेकिन फोन नहीं उठाया। शनिवार (30 मई) सुबह 7:30 बजे उन्होंने फोन किया तो एक व्यक्ति ने फोन उठाया। उसकी आवाज कुछ अलग सी लग रही थी। जिस पर मैंने उसे पूछा कि ऐसे क्यों बोल रहा तो उसने जवाब दिया कि रात को रिश्तेदारी में शराब ज्यादा पी ली इसलिए आवाज खराब हो रही है। बाद में बात करता हूं।
- शक हुआ तो पत्नी ने फोन किया: दविंदर सिंह ने कि उन्हें शक हुआ कि कुलदीप सिंह ऐसा क्यों कह रहा है। उसके बाद उन्होंने अपनी पत्नी को कहा कि कुलदीप की वाइफ के फोन पर कॉल कर। उन्होंने बताया कि जब उसकी वाइफ के फोन पर कॉल की तो एक महिला ने फोन उठाया और कहा कि मेरा गला खराब है, बात नहीं कर पाउंगी।
- फूफा ने ज्योति को बताया बात हो गई: दविंदर सिंह ने बताया कि उन्हें संदेह हो रहा था, लेकिन उन्होंने ज्योति को कहा कि बात हो गई। इसके बाद ज्योति ने भी फोन किया। तब भी महिला ने फोन उठाया और उससे सही से बात नहीं की। ज्योति को शक हो गया तो उसने फिर से मुझे कॉल की और कहा कि वहां जाकर देखो।
- पड़ोसियों को भी किया फोन: दविंदर सिंह ने बताया कि ज्योति ने पड़ोसियों को भी फोन किया और अपने मम्मी डैडी के बारे में पूछा। पड़ोसियों ने कहा कि दो दिन से बाहर नहीं दिखे। जिस पर वह घबरा गई। उसने पड़ोसियों को भी कहा कि वो भी देखें की वहां क्या है।
- बच्चों के साथ जनता नगर गया: दविंदर सिंह ने बताया कि वो 30 मई को साढ़े 10 बजे बच्चों के साथ जनता नगर गए। पड़ोसियों ने भी कहा कि दो दिन से वो बाहर नहीं आए। उन्हें लगा कि वो कहीं बाहर गए हैं। उनकी एक्टिवा व कार भी अंदर थी।
- पुलिस को बुलाया: दविंदर सिंह ने बताया कि तब तक अंदर से बदबू भी आने लगी थी। उन्होंने पुलिस को बुलाया और फिर पता चला कि दोनों की हत्या कर दी गई। उनके सिर से खून निकला हुआ था। कुलदीप सिंह का शव बेठ से लटक रहा था। उसकी पत्नी का शव भी जमीन पर गिरा हुआ था और सिर से खून बह रहा था।
- दोनों के मोबाइल घर के कैंपस में मिले: दविंदर सिंह ने बताया कि दोनों के मोबाइल उनके घर कैंपस में मिले। उनका कहना है कि सुबह उन्हीं नंबर पर उनकी बात हुई। जिससे साफ है कि हत्या करने वालों ने उनके मोबाइल बात होने के बाद उनके घर के आंगन में फेंक दिए।

घर के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए संदिग्ध आरोपी महिला और पुरुष।
CCTV में महिला और पुरुष भागते दिखे
दंपती की मौत की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसीपी (ACP) अनुभव जैन, थाना डिवीजन नंबर-6 की पुलिस, क्राइम ब्रांच और फॉरेंसिक टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। फिंगरप्रिंट्स जुटाए गए और डॉग स्क्वायड की मदद ली गई।
पुलिस ने जब इलाके के सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की, तो उनके हाथ एक फुटेज लगा। जिसमें सुबह के वक्त दो संदिग्ध लोग घर के आसपास नजर आ रहे हैं, जिसमें एक महिला और एक पुरुष शामिल हैं।
जिस तरह से फोन पर एक पुरुष और एक महिला ने आवाज बदलकर बात की थी, ठीक वैसे ही हुलिए के दो लोग सीसीटीवी में भी कैद हुए हैं। पुलिस को पूरा शक है कि सीसीटीवी में नजर आ रही यह जोड़ी ही इस मामले के पीछे है। जिस तरह से उन्होंने फोन पर बात की और बाद में पुलिस को गुमराह करने के लिए बुजुर्गों के घर के बाहर ही फोन फेंक दिए।
पुलिस इन 2 एंगल पर कर रही जांच
जानकार होने की आशंका: जिस आसानी से कातिल घर के अंदर दाखिल हुए और उन्होंने दो दिनों तक बुजुर्गों के फोन का इस्तेमाल किया, उससे यह अंदेसा जताया जा रहा है कि कातिल दंपती के बेहद करीबी जानकार थे। उन्हें पता था कि बुजुर्ग दंपती घर में अकेले रहते हैं, उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं है और बेटियां विदेश में हैं। कातिलों को घर के अंदर के रास्तों और बुजुर्गों की दिनचर्या की पूरी जानकारी थी।
लूटपाट के इरादे से हत्या: बेटियां विदेश में रहती थीं, इसलिए अक्सर बुजुर्गों के पास पैसे या कीमती सामान होने की संभावना रहती है। आशंका है कि आरोपी लूट के इरादे से घर में घुसे थे और जब बुजुर्ग दंपती ने उनका विरोध किया या उन्हें पहचान लिया, तो अपनी पहचान छिपाने के लिए उन्होंने दोनों की बेरहमी से हत्या कर दी।

एसीपी अनुभव जैन ने कहा कि पुलिस जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लेगी।
पुलिस का दावा- जल्द कातिलों को पकड़ेंगे
इस मामले पर बात करते हुए एसीपी (ACP) अनुभव जैन ने बताया कि पुलिस की टीमें इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने के बेहद करीब हैं। यह हत्या का मामला है। कातिलों ने खुद को बचाने और परिवार को गुमराह करने के लिए फोन पर बात की।
उन्होंने बुजुर्गों के फोन उठाए, रिश्तेदारों से बात की और जब उन्हें लगा कि वे पकड़े जाएंगे, तो उन्होंने फोन को घर के बाहर ही फेंक दिया। हमारे पास आरोपियों के कॉल डिटेल्स (CDR) और इलाके की सीसीटीवी फुटेज मौजूद हैं। क्राइम इन्वेस्टिगेशन और फॉरेंसिक टीमें हर एक एंगल को बारीकी से खंगाल रही हैं। हमारी टीमें आरोपियों के बहुत करीब हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
डबल मर्डर से जुड़े 5 बड़े सवाल, जिनके जवाब बाकी
- दो दिन तक कहां रहे कातिल? अगर शनिवार (30 मई) सुबह तक फोन एक्टिव थे और कातिल बात कर रहे थे, तो क्या वे कत्ल करने के बाद भी दो दिनों तक उसी घर के अंदर या आसपास ही छुपे हुए थे?
- बारिश के बीच फोन फेंकने की जल्दबाजी क्यों? रिश्तेदारों के आने के ठीक बाद ही फोन बाहर गली में कैसे मिले? क्या कातिल उस वक्त भी वहीं आसपास नजर रख रहे थे और रिश्तेदारों को आता देख फोन फेंककर भागे?
- आवाज बदलने का बहाना क्यों? क्या आरोपी अपनी असली आवाज छुपाना चाहते थे क्योंकि उनके रिश्तेदार या पड़ोसी उन्हें आवाज से पहचान सकते थे?
- घर का मुख्य दरवाजा खुला होना क्या दर्शाता है? क्या बुजुर्गों ने किसी जाने-पहचाने व्यक्ति के लिए खुद दरवाजा खोला था, या कातिल जबरदस्ती अंदर घुसे थे?
- क्या इस साजिश के पीछे कोई और भी है? सीसीटीवी में दिख रहे महिला और पुरुष के अलावा क्या इस साजिश में कोई और स्थानीय व्यक्ति भी शामिल है, जिसने उन्हें बुजुर्गों के अकेले होने की जानकारी दी थी?
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लुधियाना में बंद मकान से बुजुर्ग दंपती की लाश मिली हैं। दोनों की लाश बेड के पास पड़ी थी और सिर से खून बह रहा था। परिजनों के मुताबिक शनिवार सुबह 10.40 बजे इनकी बेटी का फोन आया कि वो फोन नहीं उठा रहे हैं। घर जाकर देखो। उन्होंने कहा कि हम यहां देखने आए। मेरे साथ मेरे साले का बेटा था। गेट अंदर से बंद था। अंदर कमरे का दरवाजा भी बंद था। एक्टिवा व कार खड़ी थी। (पढ़ें पूरी खबर)