सोनभद्र में ओवरफ्लो होने के बाद कनहर बांध के 3 गेट खोल दिए गए हैं।
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से बारिश की रफ्तार धीमी पड़ने के बाद अब मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 27 जुलाई से पूरे प्रदेश में मानसून दोबारा सक्रिय होगा और व्यापक वर्षा का दौर शुरू होने की संभावना है।
.
मौसम विभाग ने प्रदेश के 20 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही कई स्थानों पर गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है।
3 तस्वीरें देखिए-

प्रयागराज में तेज हवा के साथ बारिश हुई। नदी में नाव डगमगाने लगी।

लखीमपुर में नदी के पानी के साथ बहकर आया मगरमच्छ घर में घुस गया।

अलीगढ़ में गोरई कस्बे में एक बुजुर्ग की अंतिम यात्रा पानी से भरी सड़क से निकाली गई।
क्यों कमजोर पड़ गई थी बारिश? पिछले कुछ दिनों में उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश सामान्य से कम दर्ज की गई। इसके पीछे मुख्य कारण दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर बना निम्न दबाव क्षेत्र रहा। इस प्रणाली के प्रभाव से मानसूनी द्रोणी अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर मध्य भारत की तरफ खिसक गई थी। जब मानसूनी द्रोणी उत्तर प्रदेश से दक्षिण की ओर चली जाती है, तब बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी प्रदेश तक पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पाती।
नतीजतन प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां कमजोर हो जाती हैं और केवल कुछ स्थानों पर हल्की या छिटपुट वर्षा होती है। इसके अलावा अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली मानसूनी हवाओं का संतुलन भी प्रभावित हुआ, जिससे प्रदेश में व्यापक बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां नहीं बन सकीं। यही वजह रही कि 26 जुलाई तक उत्तर प्रदेश में मानसून अपेक्षाकृत कमजोर बना रहा।
अब क्यों बढ़ेगी बारिश? मौसम विभाग के अनुसार अब दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर बना निम्न दबाव क्षेत्र धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है। वहीं उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर नया निम्न दबाव क्षेत्र मजबूत हो रहा है। इसके कारण बंगाल की खाड़ी से नमी से भरपूर हवाओं का प्रवाह उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ेगा। साथ ही मानसूनी द्रोणी भी तेजी से उत्तर की ओर लौटकर अपनी सामान्य स्थिति के करीब पहुंचेगी।
इन दोनों मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से 27 जुलाई से पूरे उत्तर प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो जाएगा। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यह सक्रियता कई दिनों तक बनी रहपूर्वी उत्तर प्रदेश, तराई सकती है, जिससे प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।

किसानों के लिए राहत, लेकिन सतर्कता भी जरूरी कृषि वैज्ञानिक राकेश कुमार ने कहा- मानसून की वापसी खरीफ फसलों, विशेषकर धान, मक्का, दलहन और तिलहन की खेती के लिए राहत लेकर आएगी। जिन क्षेत्रों में पर्याप्त वर्षा नहीं हुई थी वहां खेतों में नमी बढ़ेगी और फसलों की बढ़वार बेहतर होगी। हालांकि जहां अत्यधिक वर्षा होगी वहां जलभराव से फसलों को नुकसान भी पहुंच सकता है। ऐसे में किसानों को खेतों से पानी की निकासी की व्यवस्था रखने की सलाह दी गई है।
अगले कुछ दिनों का मौसम आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार 27 जुलाई से प्रदेश में बारिश का दायरा तेजी से बढ़ेगा। 28 से 30 जुलाई के बीच कई जिलों में लगातार बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा दर्ज होने की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं तथा गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।
इन जिलों में अलर्ट जारी बुंदेलखंड और मध्य-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जालौन, कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव, औरैया, इटावा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, कासगंज, कन्नौज, हरदोई, फर्रुखाबाद और सीतापुर में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। वहीं शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी और बदायूं सहित तराई व रोहिलखंड क्षेत्र में भी बारिश हो सकती है, हालांकि इसकी तीव्रता अपेक्षाकृत कम रहने का अनुमान है।
प्रदेश में कल कहां-कहां बारिश के आसार, देखिए
