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लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड के बाद राजधानी में सुरक्षा मानकों की जांच के लिए चल रहे अभियान के बीच शनिवार को एलडीए ने कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरी, स्कूलों और अन्य शिक्षण संस्थानों के संचालकों के साथ बैठक की। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में हुई बैठक में सीलिंग कार्रवाई से नाराज संचालकों ने LDA का ही विरोध कर दिया। खुलकर अपनी पीड़ा रखी और आरोप लगाया कि सभी नियम पूरे होने के बावजूद उनके संस्थानों को बिना सुनवाई के सील कर दिया गया। कहा कि अपनी इस तरह की कार्रवाई करने से पहले LDA को पुनर्विचार करना (फिर से सोचना) चाहिए। बिना विचार किए ऐसी कार्रवाई ठीक नहीं है। एलडीए ने बताया कि सातों जोन में उन भवनों की जांच की जा रही है, जहां प्रवेश और निकास का केवल एक ही रास्ता है या अग्निशमन मानकों का पालन नहीं किया गया है। ऐसे प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों ने भवन स्वामियों के लिए तैयार शपथपत्र भी संचालकों से भरकर जमा करने को कहा। सुरक्षा मानकों के बावजूद सील किया, अब क्या जवाब दें? आलमबाग स्थित सेंच्यूरियन अकादमी के आदित्य ने कहा कि उनके संस्थान में सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया है, फिर भी उसे सील कर दिया गया। उन्होंने पूछा कि अब अभिभावकों और छात्रों को क्या जवाब दें? फिजिक्स वाला के गौरव श्रीवास्तव और अनअकैडमी गोमतीनगर के विनय दीक्षित ने भी दावा किया कि फायर एनओसी सहित सभी मानक पूरे होने के बावजूद उनके संस्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई हुई। इस पर एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव ने कहा कि हेल्प डेस्क बनाई गई है। आवेदन मिलने के बाद 24 से 72 घंटे में जांच कर उचित निर्णय लिया जाएगा। सोमवार से ऐसे मामलों पर कार्रवाई शुरू होगी। हाउस टैक्स कॉमर्शियल का तो बिल्डिंग कॉमर्शिय क्यों नहीं आशियाना की प्रियंका पाठक ने बताया कि उनके यहां सिर्फ 25 से 40 छात्र हैं और सात अग्निशामक यंत्र भी लगे हैं, लेकिन फायर एनओसी नहीं मिलने से कोचिंग का पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। एसपी सिंह ने सवाल उठाया कि जब बिजली कनेक्शन और नगर निगम का टैक्स व्यावसायिक श्रेणी में जमा किया जा रहा है तो भवन को कॉमर्शियल क्यों नहीं माना जा रहा? इस पर एलडीए ने स्पष्ट किया कि केवल बिजली कनेक्शन या टैक्स से भवन का व्यावसायिक दर्जा तय नहीं होता, इसके लिए भवन उपविधियों का पालन जरूरी है। सीलिंग में जरूरी दस्तावेज भी अंदर रह गए देवा पैलेस में शिक्षण संस्थान संचालित करने वाले वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि कार्रवाई के दौरान सारा सामान बाहर निकलवाकर संस्थान सील कर दिया गया, जबकि जरूरी दस्तावेज अंदर ही रह गए। इस पर एलडीए सचिव ने आश्वासन दिया कि दस्तावेज निकालने के लिए दो घंटे के लिए सील खोलने की अनुमति दी जाएगी। वहीं आरके चौधरी और रंजीत यादव ने भी दावा किया कि उनके पास फायर एनओसी है और बच्चों की परीक्षाएं नजदीक हैं, इसलिए सीलिंग पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। व्यापार मंडल बोला- सीलिंग नहीं, सुरक्षा व्यवस्था हो समाधान उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा कि अलीगंज अग्निकांड बेहद दुखद है, लेकिन पूरे शहर में संस्थानों को सील करना समाधान नहीं है। इससे हजारों छात्र, व्यापारी और कर्मचारी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल जल्द रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और एलडीए अधिकारियों से मिलकर व्यावहारिक समाधान की मांग करेगा।
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LDA ने कोचिंग संचालकों को बुलाया, जबरदस्त विरोध झेला:लाइब्रेरीवाले बोले- मानक पूरे थे, बावजूद लगा दी सील; सोचकर कार्रवाई करें