गोपाल गिरि | लखीमपुर-खीरी3 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

लखीमपुर में बेहजम ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय रतसिया के प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार का चयन राज्य स्तरीय पुरस्कार 2025 के लिए किया गया है। उनके चयन की जानकारी मिलते ही शिक्षक संगठनों और साथी शिक्षकों ने उन्हें बधाई दी। प्रमोद कुमार को विद्यालय में बेहतर नामांकन, शैक्षणिक गुणवत्ता और बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के लिए इस सम्मान के लिए चुना गया है।
प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार के मुताबिक, पिछले आठ वर्षों में विद्यालय ने शिक्षा और सुविधाओं के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। स्कूल में निजी विद्यालयों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने से अभिभावकों का रुझान भी सरकारी स्कूल की ओर बढ़ा है।
20 गांवों से ऑटो से स्कूल पहुंचते हैं बच्चे
प्रधानाध्यापक ने बताया कि वर्तमान में विद्यालय में करीब 350 बच्चे अध्ययनरत हैं। आसपास के करीब 20 गांवों से बच्चे ऑटो के माध्यम से स्कूल पहुंचते हैं। इस शैक्षणिक सत्र में अब तक 90 नए बच्चों का दाखिला हो चुका है। विद्यालय में बच्चों की औसत उपस्थिति करीब 80 प्रतिशत रहती है।
उन्होंने बताया कि विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को विभिन्न प्रतिष्ठित प्रवेश परीक्षाओं के लिए भी विशेष तैयारी कराई जाती है। इनमें जवाहर नवोदय विद्यालय, विद्या ज्ञान स्कूल, अटल आवासीय विद्यालय और सर्वोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षाएं शामिल हैं।
लाइब्रेरी और स्मार्ट क्लास की सुविधा
विद्यालय में बच्चों के लिए शुद्ध पेयजल, बेहतर फर्नीचर, कई हैंडवॉश स्टेशन समेत जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं। पढ़ाई को बेहतर और रोचक बनाने के लिए स्कूल में एक हजार से अधिक किताबों वाली लाइब्रेरी भी है।
इसके अलावा विद्यालय में प्रोजेक्टर और कंप्यूटर से सुसज्जित अलग स्मार्ट क्लास बनाई गई है। तकनीक के इस्तेमाल से बच्चों को विषयों को बेहतर ढंग से समझाने का प्रयास किया जाता है।
प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार का कहना है कि सरकारी विद्यालय में बेहतर शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराने का उद्देश्य बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना और अभिभावकों का सरकारी स्कूलों के प्रति विश्वास मजबूत करना है। उनके चयन से विद्यालय के शिक्षकों और छात्रों में भी उत्साह का माहौल है।
