शिवम तिवारी | बांदा14 मिनट पहले
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उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल में खैरार से यमुना साउथ बैंक रेलखंड के बीच दोहरीकरण, विद्युतीकरण और आधुनिक सिग्नलिंग व्यवस्था का कार्य पूरा हो गया है। इस नई रेल लाइन की सुरक्षा और तकनीकी गुणवत्ता का परीक्षण करने के लिए 18 और 19 जून को रेल संरक्षा आयुक्त निरीक्षण करेंगे। 19 जून को हाईस्पीड ट्रायल भी प्रस्तावित है।
झांसी मंडल के खैरार-यमुना साउथ बैंक रेलखंड पर 57.41 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का दोहरीकरण, विद्युतीकरण और अत्याधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है। इस परियोजना से क्षेत्र में रेल संचालन अधिक सुरक्षित, तेज और सुगम होने की उम्मीद है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, रेल संरक्षा आयुक्त प्रणजीव सक्सेना 18 एवं 19 जून 2026 को खैरार जंक्शन और अकौना स्टेशन के मध्य नव निर्मित रेलखंड का विस्तृत निरीक्षण करेंगे। इस दौरान ट्रैक, ओवरहेड विद्युत लाइन, सिग्नलिंग प्रणाली और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं की गहन जांच की जाएगी।
निरीक्षण के बाद, 19 जून को इसी रेलखंड पर हाईस्पीड ट्रायल आयोजित होगा। इसमें एक विशेष ट्रेन को निर्धारित उच्च गति से चलाकर ट्रैक और अन्य संबंधित व्यवस्थाओं की क्षमता का परीक्षण किया जाएगा। स्पीड ट्रायल और निरीक्षण की सफलता के बाद इस खंड पर नियमित रेल संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा।
रेलवे प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि निरीक्षण और स्पीड ट्रायल के दौरान कोई भी व्यक्ति रेलपथ के आसपास न जाए। साथ ही, अपने पशुओं को भी ट्रैक के निकट आने से रोकें। रेलवे ने चेतावनी दी है कि परीक्षण के दौरान ट्रेनें सामान्य से अधिक गति से चलेंगी, जिससे किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
इस परियोजना के पूर्ण होने से बुंदेलखंड क्षेत्र में रेल यातायात क्षमता में वृद्धि होगी। इससे ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार आएगा और माल तथा यात्री परिवहन को नई गति मिलेगी।
