Kashmiri Pandits Threat | Budgam Terrorist Warning Jammu Kashmir News

श्रीनगर17 मिनट पहलेलेखक: मुदस्सिर कुल्लू

  • कॉपी लिंक

लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल (यूएलसी) ने कश्मीरी पंडितों के नाम एक और चिट्ठी जारी की है। यह एक महीने में जारी होने वाली छठवीं चिट्ठी है। इस बार पीएम पैकेज के तहत यहां काम कर रहे कश्मीरी पंडित कर्मचारी निशाने पर हैं।

आतंकियों ने इन कर्मचारियों का फोन नंबर, पता और गाड़ियों का ब्योरा भी हासिल किया है। चिट्ठी में गैर स्थानीय कर्मचारियों के शव उनके घर भेजने की धमकी दी गई हैं।

इसके बाद कश्मीरी पंडितों के संगठन ऑल पीएम पैकेज एम्प्लॉइज एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री और उप राज्यपाल से जांच करने और सुरक्षा के लिए गुहार लगाई है।

लश्कर से जुड़े आतंकी संगठन यूएलसी के पोस्टर/चिट्ठियां सोशल मीडिया और इलाके की दीवारों पर कुछेक जगह चिपकी मिली हैं।

धमकियों के बाद कई कर्मचारियों ने दफ्तर जाना छोड़ दिया है, तो कुछ जम्मू लौट गए हैं।

तस्वीर शेखूपुरा कैंप की है, यहां 300 से ज्यादा परिवार रहते हैं।

तस्वीर शेखूपुरा कैंप की है, यहां 300 से ज्यादा परिवार रहते हैं।

12 फीट ऊंची दीवारों के पीछे ट्रांजिट कैंप जेल जैसे हैं…

बडगाम जिला मुख्यालय से 3 किमी दूर है शेखूपुरा। जम्मू-कश्मीर में कश्मीरी पंडित परिवारों की दूसरी सबसे बड़ी कॉलोनी। करीब 330 परिवार 12 फीट ऊंची बाउंड्री वॉल के भीतर इन दिनों खौफ की जिंदगी जी रहे हैं।

एक महीने पहले तक इन्हें कॉलोनी से बाहर आने-जाने के लिए किसी की अनुमति की जरूरत नहीं होती थी, लेकिन अब कॉलोनी के गेट पर तैनात जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF कमांडोज को हर डिटेल लिखवानी पड़ रही है।

आईडी कार्ड गले में लटका कर रखना पड़ रहा है। यहां से निकलते वक्त जवान स्पष्ट शब्दों में समझा रहे हैं कि शाम 4 बजे के पहले लौट आना है। फिलहाल यही प्रोटोकॉल है। भास्कर टीम जब कॉलोनी पहुंची तो सुरक्षा बलों ने अंदर नहीं जाने दिया।

देखिए वो चिट्‌ठी, जो ULC ने भेजी है…

24 घंटे सुरक्षा में रहते हैं करीब 6000 कश्मीरी पंडित

जम्मू-कश्मीर में 2008 के पीएम पैकेज के तहत करीब 6 हजार कश्मीरी पंडितों को नौकरी और आवास दिए गए हैं। ये लोग शेखूपुरा, कुलगाम के वुस्सू कैंप, बारामुला, कुपवाड़ा में परिवारों संग रह रहे हैं। ये कॉलोनियां 24 घंटे सुरक्षा घेरे में रहती हैं। इनमें भी सबसे ज्यादा 426 परिवार वुस्सु में हैं।

कॉलोनी के 200 मीटर के दायरे में कुछ दुकानें हैं, जहां पीएम पैकेज के तहत 2010 में शेखूपुरा आकर बसे कश्मीरी पंडित परिवारों से बात हुई।

पढ़ें कश्मीरी पंडित परिवारों की 3 कहानियां…

  • एक परिवार ने पहचान उजागर न करने की शर्त पर बात की। उन्होंने बताया कि अब डॉक्टर के पास जाने या राशन लाने जैसे सामान्य कामों के लिए भी जवानों को पहले सूचना देनी पड़ रही है। हम तो किसी तरह दफ्तर जाना टाल रहे हैं, लेकिन बच्चों का क्या करें? उन्हें स्कूल भेजकर दिन में दस बार फोन कर उनकी खैरियत पूछनी पड़ती है। कई परिवार यहां से छोड़कर चले गए हैं।
  • कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति के एक पदाधिकारी ने बताया कि जब किसी विभाग ने एक-दो दिन पहले ही कर्मचारियों का डेटा इकट्ठा किया गया, तो वह इतनी जल्दी आतंकियों के हाथों में कैसे पहुंच गया? हम इसकी जांच चाहते हैं।
  • एक और परिवार ने बताया कि कॉलोनी के भीतर कोई खौफ नहीं है, क्योंकि यहां हमारी सुरक्षा में हर वक्त पुलिस जवान मौजूद रहते हैं। बाहर भी अब बाउंड्री वॉल के चारों तरफ 4 से 6 पोस्ट बना दी गई हैं, जहां पुलिस रहती है। स्कूल की बसें अंदर नहीं आ रहीं। हमें बच्चों को गेट पर ही छोड़ना और लाना पड़ रहा है।

————————

ये खबर भी पढ़ें…

जम्मू-कश्मीर में हिजबुल मुजाहिदीन का मददगार गिरफ्तार: चीन में बनी पिस्तौल और 16 राउंड गोलियां बरामद

जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में सुरक्षा बलों ने बुधवार को हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े पूर्व आतंकी मंजूर अहमद भट को गिरफ्तार किया। उसके पास से चीन में बनी पिस्तौल, 2 मैगजीन और 16 गोलियां बरामद हुईं।

पुलिस के मुताबिक, मंजूर पहले भी 2 मामलों में गिरफ्तार हो चुका है। वह संगठन के लिए आतंकी गतिविधियों में मदद करने के साथ हथियार उपलब्ध कराने का काम करता था। पढ़ें पूरी खबर…

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Newsmatic - News WordPress Theme 2026. Powered By BlazeThemes.