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गोरखपुर के सिविल लाइंस से लापता हुआ कक्षा चार का छात्र कुशीनगर के तमकुहीरोड में मिला तो पुलिस ने राहत की सांस ली। बुधवार दोपहर 2 बजे छात्र लापता हुआ। इसके बाद उसकी मां पुलिस के साथ 5 घंटे तक सिविल लाइन की गलियों में ढूंढती रही। शाम करीब 7:30 बजे अंजान नंबर से बेटे की कॉल आई तो मां चीखकर रोई। बेटा बोला मत रो मम्मी, घर आकर सारी बात बाताउंगा। हालांकि, छात्र के मिलने के बाद कहानी में ऐसा मोड़ आया कि पुलिस भी कुछ देर के लिए उलझ गई। पुलिस टीम जब उसे अपने साथ लेकर पूछताछ करने लगी तो छात्र ने अपहरण की कहानी सुनानी शुरू कर दी। कुछ देर बाद उसने राज खोल दिया और बताया कि वह खुद अमृत भारत ट्रेन में बैठ गया था। दोपहर से लापता बेटा रात करीब 10 बजे मां से मिला। इस दौरान मां बेटे को गले से लगाकर रोने लगी। बच्चे के परिजनों ने पुलिस को भी धन्यवाद दिया। बच्चे की मां ने बोला कि गोरखपुर पुलिस हर समय साथ खड़ी रही। तस्वीरें देखिए… ट्रेन में बैठी महिला के मोबाइल से बच्चे ने कॉल की एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि छात्र पैदल रेलवे स्टेशन पहुंचा और 4:30 बजे छपरा जाने वाली अमृत भारत ट्रेन में बैठ गया। ट्रेन में उसे अकेला देखकर एक महिला को शक हुआ। महिला ने उससे बातचीत की और उसके स्कूल के आईकार्ड से मां का मोबाइल नंबर लेकर फोन किया। इसके बाद गोरखपुर पुलिस ने सेवरही पुलिस को सूचना दी। ट्रेन के तमकुहीरोड पहुंचने पर पुलिस टीम स्टेशन पहुंची और छात्र को अपने साथ ले आई। सीसीटीवी फुटेज में अकेला जाता दिखा छात्र छात्र के लापता होने के बाद पुलिस ने स्कूल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में छात्र अकेले ऑटो के पास जाता, अपना बैग रखता और फिर इधर-उधर घूमता दिखाई दिया। इसके बाद वह अकेले ही रेलवे स्टेशन की ओर चला गया। पहले सुनाई चॉकलेट और बेहोशी की कहानी पुलिस के सामने छात्र ने पहले जो कहानी सुनाई, उससे मामला अपहरण का लग रहा था। उसने बताया कि वह ऑटो के पास खेल रहा था। इसी दौरान एक युवक आया और उसे चॉकलेट दी। चॉकलेट खाने के बाद वह बेहोश हो गया। युवक ने उसे ट्रेन में बैठा दिया। रास्ते में जब वह रोने लगा तो साथ बैठी महिला ने उसे देखा और उसके स्कूल के आईकार्ड पर लिखे नंबर पर फोन कर उसकी मां को जानकारी दी। छात्र पहले भी गायब हो चुका है छात्र पहले भी स्कूल से अकेले निकल चुका है। करीब दो महीने पहले वह स्कूल से अचानक गायब होकर पैदल ही घर पहुंच गया था। ऑटो चालक आशीष कुमार जायसवाल के मुताबिक, छात्र पहले भी कई बार ऑटो से उतरकर इधर-उधर जाने की कोशिश कर चुका था। उन्होंने इस संबंध में उसके परिजनों को भी जानकारी दी थी। बुधवार को भी छुट्टी के बाद सभी बच्चों को ऑटो में बैठाने के बाद छात्र ने कहा कि उसका खेलने का मन कर रहा है और वह पानी में खेलना चाहता है। ऑटो चालक एक दुकान से चिप्स लेने गया। वापस लौटा तो छात्र गायब था। अब जानिए पूरा मामला गोरखपुर में स्कूल की छुट्टी के बाद ऑटो से घर जा रहा कक्षा 4 का छात्र लापता हो गया था। छात्र एचपी डिफेंस एकेडमी में पढ़ता है। ऑटो चालक एक बच्ची के लिए चिप्स लेने गया था, लौटकर आया तो छात्र ऑटो में नहीं मिला, जबकि उसका स्कूल बैग वहीं रखा था। छात्र के लापता होने की सूचना मिलते ही कैंट पुलिस, क्राइम ब्रांच और सर्विलांस टीम उसकी तलाश में जुट गई। लापता छात्र की पहचान राप्तीनगर के मनोज गिरी के बेटे पद्मनाभ गिरी (9) के रूप में हुई है। घटना बुधवार दोपहर करीब 1:40 बजे सिविल लाइंस क्षेत्र में हुई थी। छात्र के पिता कतर में हैं बच्चे की मां पूनम गिरी ने बताया कि उनके पति मनोज गिरी कतर में रहते हैं। उनके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा सिविल लाइंस स्थित स्कूल में कक्षा 4 में पढ़ता है, जबकि छोटा बेटा एक साल का है। परिवार उरुवा थाना क्षेत्र का रहने वाला है। पांच स्कूलों और प्रतिष्ठानों के CCTV खंगाले सिविल लाइंस स्थित पांच स्कूलों और आसपास के प्रतिष्ठानों के CCTV कैमरों की शाम 7 बजे तक जांच की जा चुकी थी। पुलिस के मुताबिक, छात्र दोपहर करीब 2 बजे तक अलग-अलग CCTV कैमरों में दिखाई दिया। एचपी डिफेंस एकेडमी से करीब 150 मीटर दूर ऑटो खड़ा था। ऑटो चालक छुट्टी के बाद करीब 1:30 बजे बच्चों को लेकर वहां पहुंचा था। उसने ऑटो में छात्र का स्कूल बैग रखा। इसके बाद छात्र दोबारा स्कूल की तरफ गया और स्कूल के सामने बाथरूम किया। कुछ देर बाद वह दौड़ते हुए वापस ऑटो की तरफ आता भी दिखाई दिया। स्कूलों की छुट्टी के समय भीड़ में गायब हुआ उस समय आसपास के सभी स्कूलों की छुट्टी हुई थी। सड़क पर हजारों बच्चे मौजूद थे। उन्हें लेने के लिए बाइक और कार से सैकड़ों लोग भी पहुंचे थे। इसी भीड़ के बीच छात्र अचानक गायब हो गया। ऑटो चालक ने काफी देर तक आसपास छात्र की तलाश की। जब उसका पता नहीं चला तो उसने छात्र की मां पूनम गिरी को फोन कर घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजनों ने दोपहर करीब 3 बजे पुलिस को सूचना दी। पहले भी भागने की कोशिश कर चुका था ऑटो चालक आशीष कुमार जायसवाल ने बताया कि बच्चा पहले भी कई बार ऑटो से उतरकर भागने की कोशिश कर चुका है। इसको लेकर मैंने उसके परिजनों से बच्चे को समझाने की हिदायत भी दे चुका हूं। आशीष ने बताया कि बुधवार को मैं सुबह बच्चे को घर से लेकर स्कूल पहुंचा था। दोपहर करीब 1:30 बजे छुट्टी के बाद मैं स्कूल के अंदर गया और बच्चों को ऑटो में बैठाकर बाहर लाया। ऑटो में एसपी डिफेंस स्कूल के 3 बच्चे, फीडर्स स्कूल की दो बच्चियां और एचपी चिल्ड्रेन स्कूल की एक बच्ची समेत कुल 6 बच्चे थे। स्कूल के आसपास पानी भरा होने के कारण काफी जाम लगा था। बच्चे पैदल और साइकिल से भी आ-जा रहे थे। सभी बच्चों को ऑटो में बैठाने के बाद पद्मनाभ ने मुझसे कहा कि उसका खेलने का मन कर रहा है और वह पानी में खेलने के लिए जाना चाहता है। चिप्स लेने गया, वापस लौटा तो बच्चा ऑटो में नहीं था आशीष ने बताया कि मैंने पद्मनाभ को ऑटो में ही बैठे रहने को कहा। इसके बाद मैं ऑटो के सामने पेड़ के नीचे लगे ठेले से एक बच्ची के लिए चिप्स लेने चला गया। करीब एक-दो मिनट बाद वापस लौटा तो पद्मनाभ ऑटो में नहीं था। आशीष ने बताया कि मैंने आसपास काफी तलाश की और बच्चे को आवाज लगाकर भी देखा, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद घटना की जानकारी पुलिस और बच्चे के परिजनों को दी।
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गोरखपुर से लापता क्लास 4 का छात्र कुशीनगर मिला:पुलिस संग सिविल लाइन की गलियों में ढूंढती रही मां, 5 घंटे बाद कॉल आई, बेटा बोला मत रो मम्मी