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सहारनपुर में ₹17.29 करोड़ के जाली नोट मिलने के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ नए सवाल खड़े हो रहे हैं। NIA ने निलंबित करेंसी चेस्ट मैनेजर अमित कुमार को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। इसी बीच करेंसी चेस्ट की कैश वाहन चलाने वाला ड्राइवर आदर्श 5 सितंबर से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता है। उसके पिता ने अपहरण की आशंका जताते हुए बैंक के एक कर्मचारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी अपहरण की पुष्टि नहीं की है। बुधवार को NIA की टीम ने न्यू नंदपुरी स्थित अमित कुमार के निजी सहायक आदेश कुमार के घर पहुंचकर जांच की। टीम ने मकान में रखे दस्तावेज और अन्य कागजात खंगाले और जरूरी दस्तावेज अपने कब्जे में लिए। इस दौरान स्थानीय पुलिस भी तैनात रही। NIA ने स्थानीय लोगों से आदेश और अमित कुमार से जुड़ी कथित संपत्तियों के बारे में भी जानकारी जुटाई। ‘सर बुला रहे हैं’ कहकर गया था आदर्श, फिर मोबाइल बंद आदर्श के पिता शिवप्रसाद ई-रिक्शा चलाते हैं। उनका कहना है कि 5 सितंबर की दोपहर आदर्श करेंसी चेस्ट से अलग-अलग बैंक शाखाओं तक कैश पहुंचाने वाली गाड़ी की ड्यूटी पर था। इसी दौरान एक साथी कर्मचारी का फोन आया। उसने कहा- ‘सर बुला रहे हैं।’ इसके बाद आदर्श वहां से चला गया, लेकिन वापस नहीं लौटा। कुछ समय बाद उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ हो गया। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद कोतवाली देहात में आदर्श की गुमशुदगी दर्ज कराई गई। पिता का आरोप- घोटाले से जुड़े लोगों से हो सकता है बेटे का गायब होना शिवप्रसाद का आरोप है कि करेंसी चेस्ट में हुए कथित घोटाले से जुड़े लोग उनके बेटे पर दबाव बना रहे थे। उनका दावा है कि आदर्श को डर दिखाया जा रहा था कि अगर उसने कुछ बताया तो गबन में उसका नाम भी सामने ला दिया जाएगा। हालांकि, इन आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई होगी। पिता बोले- आदर्श के नाम पर खरीदी गईं बाइक और संपत्तियां शिवप्रसाद ने एक बैंक कर्मचारी पर आरोप लगाते हुए दावा किया कि जुलाई में आदर्श के नाम पर ₹4.90 लाख और ₹2.70 लाख की दो बाइक खरीदी गईं। इसके अलावा उसके नाम पर दो दुकान और दो प्लॉट खरीदे जाने का भी आरोप है। पिता का कहना है कि इन संपत्तियों का इस्तेमाल कोई और कर रहा था। उनका आरोप है कि आदर्श के लापता होने के बाद संबंधित बैंककर्मी के परिजन भी उसके घर पहुंचे और उसके बारे में पूछताछ करने लगे। इससे परिवार का शक और बढ़ गया। दो महीने पहले बैंक अधिकारियों को दी थी गड़बड़ी की जानकारी आदर्श के पिता का दावा है कि उन्होंने करीब दो महीने पहले ही करेंसी चेस्ट में चल रही कथित गड़बड़ियों की जानकारी बैंक अधिकारियों को दी थी। उनका आरोप है कि अधिकारियों ने उन्हें मामले से दूर रहने और चुप रहने के लिए कहा था। अब करेंसी चेस्ट में करोड़ों रुपए के जाली नोट मिलने और बेटे के लापता होने के बाद परिवार ने पूरे मामले की गहन जांच की मांग की है। NIA के रडार पर अमित का निजी सहायक NIA की जांच अब अमित कुमार से जुड़े लोगों और कथित संपत्तियों तक पहुंच रही है। बुधवार को टीम न्यू नंदपुरी स्थित अमित के निजी सहायक आदेश कुमार के आवास पर पहुंची। टीम ने घर में मौजूद दस्तावेजों और कागजात की जांच की। कुछ दस्तावेज कब्जे में लिए गए। स्थानीय लोगों से आदेश की संपत्तियों और उसके संपर्कों के बारे में भी जानकारी ली गई। NIA यह भी पता लगाने में जुटी है कि अमित कुमार से जुड़ी कोई संपत्ति या महत्वपूर्ण दस्तावेज न्यू नंदपुरी में मौजूद हैं या नहीं। अमित से पूछताछ में सप्लाई नेटवर्क तलाश रही NIA निलंबित चेस्ट मैनेजर अमित कुमार को NIA ने मंगलवार को गिरफ्तार किया था। बुधवार को उससे पूछताछ की गई। एजेंसी उसकी भूमिका, संपर्कों और करेंसी चेस्ट में जाली नोट पहुंचने के तरीके की पड़ताल कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश है कि ₹17.29 करोड़ के जाली नोट करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे, किस स्तर पर गड़बड़ी हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। ड्राइवर आदर्श का अचानक लापता होना और उसके पिता के आरोप इस मामले को और गंभीर बना रहे हैं। फिलहाल आदर्श के अपहरण या उसके लापता होने का जाली नोट मामले से सीधा संबंध साबित नहीं हुआ है। पुलिस और NIA की जांच के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
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कैश वाहन का ड्राइवर 5 दिन से लापता:पिता बोले- ‘सर बुला रहे हैं’ कहकर गया था, सहारनपुर PNB करेंसी चेस्ट मामला