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संतकबीरनगर के एसपी संदीप कुमार मीना ने बुधवार को पुलिस ऑफिस में आईजीआरएस सेल के अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने प्रार्थना पत्रों के निस्तारण की स्थिति की समीक्षा की। समीक्षा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में लापरवाही पाए जाने पर धनघटा थाने में तैनात एक सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। एसपी ने विशेष रूप से आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त ‘असंतुष्ट’ श्रेणी के प्रार्थना पत्रों की गहन समीक्षा की। उन्होंने संबंधित उप-निरीक्षकों और आरक्षियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रार्थना पत्रों का निस्तारण केवल कागजी खानापूर्ति नहीं होना चाहिए, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का समाधान धरातल पर दिखना चाहिए। एसपी ने यह भी कहा कि जिन मामलों में शिकायतकर्ता पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट हैं, उनकी पुनः गहनता से जांच की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जांच में शिथिलता पाई गई, तो संबंधित जांच अधिकारी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, सभी लंबित प्रार्थना पत्रों को तत्काल प्रभाव से समय सीमा के भीतर निस्तारित करने के निर्देश दिए गए। फरियादियों के साथ शालीन व्यवहार करने और उनकी समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनने पर भी जोर दिया गया। समीक्षा के दौरान, धनघटा थाने में तैनात सिपाही गौतम कुमार (आईजीआरएस/बीट आरक्षी) द्वारा जनशिकायतों के निस्तारण में अत्यधिक लापरवाही और शिथिलता पाई गई। उन पर उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने, शिकायतकर्ता की समस्याओं के प्रति संवेदनहीनता बरतने और पोर्टल पर गलत तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट लगाने का आरोप है। इन गंभीर अनियमितताओं के कारण, एसपी संदीप कुमार मीना ने आरक्षी गौतम कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। एसपी ने दोहराया कि जनता की शिकायतों का शत-प्रतिशत और गुणवत्तापूर्ण समाधान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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IGRS निस्तारण में लापरवाही पर सिपाही निलंबित:संतकबीरनगर एसपी ने की कार्रवाई, कहा- केवल कागजी खानापूर्ति नहीं होना चाहिए