शाहनवाज खान | हरदोई5 मिनट पहले
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हरदोई में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व पूरी आस्था, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। त्योहार को लेकर बाजारों में रौनक है। पुलिस-प्रशासन ने मंदिरों और संवेदनशील जगहों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है। बृहस्पतिवार की रात बाजार महिलाओं से भरा रहा।
महिलाएं पूजन सामग्री के साथ त्योहार से जुड़ी खरीददारी करती रहीं।
शहर के प्रमुख मंदिरों, खासकर पुलिस लाइन्स और सर्कुलर रोड स्थित श्रीराम जानकी मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया है। सुरक्षा के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से पूरी निगरानी होगी। एलआईयू और सादी वर्दी में तैनात पुलिसकर्मी हर जगह नजर रखेंगे।

सर्कुलर रोड स्थित श्रीराम जानकी मंदिर के पुजारी पंडित मैथिलीशरण शास्त्री के अनुसार, जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण के बाल-रूप ‘लड्डू गोपाल’ के पूजन का खास महत्व है।
भक्तों को व्रत रखकर पूरे विधि-विधान से कान्हा का स्वागत करना चाहिए।

पूजन विधि के अनुसार, मध्यरात्रि में भगवान के प्रकट होने के समय पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल) से लड्डू गोपाल का जन्माभिषेक करें। इसके बाद उन्हें नए कपड़े, मुकुट, बांसुरी और मोरपंख पहनाकर चंदन और अबीर लगाएं।
बाल-गोपाल को माखन-मिश्री, धनिया पंजीरी, कमल के फूल और बरगद के पत्तों पर रखकर विशेष भोग लगाएं। तुलसीदल के बिना पूजन अधूरा माना जाता है।
पंडित शास्त्री ने बताया कि मध्यरात्रि पूजन के दौरान लगातार हरे कृष्णा महामंत्र और भजनों का जाप करें। इस दिन भक्तिभाव से किया गया पूजन और दान-पुण्य जीवन में सुख, समृद्धि और शांति लाता है।


पुलिस लाइन्स में शुक्रवार रात 8 बजे से भव्य भजन संध्या और झांकी दर्शन का आयोजन होगा। यहां कई मनमोहक झांकियां आकर्षण का केंद्र होंगी। मध्यरात्रि जन्माभिषेक के बाद महाआरती और महाप्रसाद (भोग) बांटा जाएगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रवेश और निकास के अलग-अलग रास्ते बनाए गए हैं। वाहनों की पार्किंग मंदिर परिसर के भीतर ही तय की गई है।
इसके अलावा, शहर के काशीनाथ ज्वैलर्स, शिव भोले मंदिर (नुमाइश चौराहा), बाबा विश्वनाथ मंदिर (आनंद टॉकीज), सिद्धेश्वर नाथ मंदिर और खाटू श्याम मंदिर में भी खास सजावट की गई है।
