सफाई नायक ने नौकरी के नाम पर लिए 1.10 लाख:भ्रष्टाचार की 8 शिकायतें रजिस्ट्री से भेजी गईं, जांच स्टाफ ऑफीसर को


नगर निगम में टेंडर रैकेट और भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच अब आमजन की शिकायतें भी पुलिस कार्यालय पहुंचने लगी हैं। गुरुवार को एक महिला ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। आरोप है कि बहू की नौकरी लगवाने के नाम पर उनसे नगर निगम के सफाई नायक ने रुपये लिए, लेकिन न तो नौकरी लगवाई और न रुपये वापस किए। पुलिस कमिश्नर ने एडीसीपी योगेश कुमार को मामले की जांच कर एफआईआर के आदेश दिए हैं। अगस्त 2025 में दिए थे पैसे सिविल लाइंस के गुप्तार घाट निवासी शान्ती देवी ने बताया कि बेटा प्राइवेट नौकरी करता है। जिससे घर चलना काफी मुश्किल हो रहा था। बीते वर्ष नातिन के पति ने अपने मामा से नयापुरवा स्थित घर पर मुलाकात कराई। उन्होंने बताया कि वह नगर निगम में सफाई कर्मचारी है और नौकरी लगवा सकते हैं। इस पर शान्ती ने अपनी बहू अनीता सागर की नौकरी लगवाने के लिए कहा। सफाई कर्मी ने जूही कांटा नगर निगम कालोनी निवासी सफाई नायक से मिलवाया। उन्होंने 1.10 लाख रुपये खर्च की बात बताई। उन पर विश्वास करते हुए अगस्त 2025 को नातिन के पति के सफाई कर्मी मामा को 1.10 लाख रुपये दिए। यह रुपया अपने परिचितों और रिश्तेदारों से लिया। उन्होंने वादा किया था कि जल्द से जल्द नगर निगम में बहू की नौकरी लग जाएगी। करीब एक साल होने को है, लेकिन अभी तक न तो नौकरी मिली और न ही रुपये वापस किए गए। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। जांच एडीसीपी योगेश कुमार को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। रजिस्ट्री से 8 शिकायतें मिलीं गुरुवार को पुलिस कार्यालय में आठ शिकायतें रजिस्ट्री से प्राप्त हुईं। इन सभी शिकायतों में भ्रष्टाचार की शिकायत की गई, हालांकि पुलिस ने यह नहीं बताया कि आरोप किस तरह के भ्रष्टाचार से जुड़े हैं। इनमें से कई गोपनीय शिकायतें हैं, जिसमे शिकायतकर्ता का नाम नहीं है। एडीसीपी योगेश कुमार ने बताया कि अब तक छह शिकायतें प्राप्त हुई हैं। शेष रजिस्ट्री के जरिये प्राप्त हुईं शिकयतें हैं। जिनकी जांच मिली है। तीन शिकायतें गोपनीय हैं। उसमें वादी का नाम नहीं है। शिकायतों की जांच के लिए मामलों के वादी को पहले तलब किया जाएगा। पीएफ नहीं दे रही जेटीएन कंपनी, कर्मचारियों ने दर्ज कराए बयान डोर टू डोर कूड़ा उठाने वाली कंपनी जेटीएन के खिलाफ कर्मचारी रोहित और सचिन ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि कंपनी वेतन कम देती है और पीएफ व ईएसआई की सुविधा नहीं दे रही है। इस मामले में जेटीएन कंपनी के प्रशासनिक अधिकारी के बयान दर्ज किए गए। रोहित और सचिन ने एडीसीपी को बताया उन्हें 8 हजार रुपये वेतन मिलता है, जबकि नगर निगम के संविदा कर्मियों को वेतन अधिक दिया जाता है। उनका पीएफ नहीं कटता और न ही ईएसआई की सुविधा मिल रही है। जेटीएन कंपनी के प्रतिनिधि ने जवाब दिया कि 315 गाड़ियां है और 400 लोग काम करते हैं। ऐसे में जिन लोगों ने अपना डाक्यूमेंटेंशन नहीं कराया उनका ईएसआई और पीएफ नहीं कट रहा, जबकि कुछ कर्मचारियों को पीएफ दिया जा रहा है। दोनों कर्मचारी दस्तावेज देंगे तो उन्हें भी पीएफ सुविधा दिलाई जाएगी।

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