Gurugram LPG ATM Launch: 24×7 Gas Cylinder Relief

गुरुग्राम5 मिनट पहले

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गुरुग्राम के सोहना क्षेत्र में सेक्टर 33 स्थित सेंट्रल पार्क फ्लावर वैली में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने देश का पहला ‘LPG ATM’ यानि गैस वेंडिंग मशीन शुरू की है। इसे ‘भारतगैस इंस्टा LPG’ नाम दिया गया है। यह उत्तर भारत में इस तरह का पहला स्वचालित सिस्टम है, जो 24 घंटे खुला रहता है और घरेलू गैस सिलेंडर की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित करता है।

पिछले कुछ महीनों से देशभर में LPG की सप्लाई चेन में देरी, मिडिल ईस्ट में तनाव और पैनिक बुकिंग के कारण गैस सिलेंडर की कमी देखी जा रही है। कई इलाकों में उपभोक्ताओं को डिलीवरी के लिए दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में गुरुग्राम में यह LPG ATM एक बड़ी राहत लेकर आया है। यह मशीन ATM की तरह ही काम करती है—उपभोक्ता खाली सिलेंडर लाकर कुछ ही मिनटों में भरा हुआ सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं।प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और संपर्क-रहित (कॉन्टैक्टलेस) है।

ऐसे काम करता है काम उपभोक्ता अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करें। प्राप्त OTP से वेरिफाई करें। खाली सिलेंडर पर मौजूद QR कोड स्कैन करें। UPI, कार्ड या अन्य डिजिटल माध्यम से भुगतान करें। मशीन स्वचालित रूप से भरा हुआ सिलेंडर मिल जाएगा।

मिनटों में मिलता है सिलेंडर पूरी प्रक्रिया में मात्र 2 से 3 मिनट का समय लगता है। यह मशीन हल्के वजन वाले कम्पोजिट सिलेंडर वितरित करती है, जो पारंपरिक स्टील सिलेंडर से काफी हल्के होते हैं और इन्हें महिलाओं व बुजुर्गों के लिए उठाना-रखना आसान होता है। फिलहाल यहां से 10किग्रा के सिलेंडर दिए जा रहे हैं। मशीन में एक समय पर 10 सिलेंडर रखे जा सकते हैं। स्टॉक दो सिलेंडर रह जाने पर नजदीकी गैस एजेंसी को ऑटोमैटिक अलर्ट चला जाता है, जिससे रीस्टॉकिंग समय पर हो सके।

पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू यह प्रोजेक्ट BPCL का पायलट प्रोजेक्ट है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक डिलीवरी सिस्टम पर निर्भरता कम करना और उपभोक्ताओं को 24×7 सुविधा उपलब्ध कराना है।

रेजिडेंट्स को फायदा मिल रहा सोसाइटी के फैसिलिटी डिप्टी मैनेजर अमित खटाना ने बताया कि सेंट्रल पार्क फ्लावर वैली के निवासियों के लिए यह विशेष रूप से उपयोगी साबित हो रहा है, क्योंकि वे अब रात के समय या छुट्टी के दिन भी बिना किसी एजेंट के इंतजार के सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं। यह मशीन बहुत सुविधाजनक है। पहले डिलीवरी का इंतजार करना पड़ता था, अब खुद जाकर 2 मिनट में काम हो जाता है। कई अन्य रेजिडेंट्स ने भी इसे ‘स्मार्ट सिलेंडर’ की दिशा में बड़ा कदम बताया है।

यदि यह पायलट सफल रहा तो इसे अन्य शहरों और आवासीय कॉलोनियों में भी विस्तारित किया जा सकता है। इससे न केवल गैस संकट जैसी स्थितियों में मदद मिलेगी, बल्कि डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों को भी बल मिलेगा।

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