Gift Nifty Up 250 Points

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मुंबई12 मिनट पहले

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शेयर बाजार में 20 अप्रैल से शुरू होने वाले हफ्ते की शुरुआत तेजी के साथ हो सकती है। ईरान के साथ अमेरिका की जंग के जल्द खत्म होने की उम्मीद और गिरते क्रूड ऑयल के दाम बाजार को सहारा दे रहे हैं। इसके अलावा चौथी तिमाही के नतीजे, विदेशी निवेशकों की एक्टिविटी और ग्लोबल मार्केट की चाल भी बाजार की दिशा तय करने वाले मुख्य कारण होंगे।

चलिए समझते हैं इस हफ्ते बाजार में क्या हो सकता है…

सपोर्ट और रेजिस्टेंस

सपोर्ट जोन: 23,940 | 23,850 | 23,462 | 23,330 | 22,857

सपोर्ट यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है। यहां खरीदारी बढ़ने से कीमत आसानी से नीचे नहीं जाती। यहां खरीदारी का मौका हो सकता है।

रेजिस्टेंस जोन: 24,387 | 24,450 | 24,538 | 24,650 | 25,002

रेजिस्टेंस यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को ऊपर जाने में रुकावट आती है। ऐसा बिकवाली बढ़ने से होता है। रजिस्टेंस जोन पार करने पर तेजी की उम्मीद रहती है।

नोट: सपोर्ट और रेजिस्टेंस के लेवल्स वेल्थ व्यू एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार है।

अब 5 फैक्टर्स जो बाजार की दिशा तय कर सकते हैं…

1. ईरान-यूएस युद्ध खत्म होने की उम्मीद

ईरान-अमेरिका के बीच तनाव को कम करने के लिए अगले दौर की बातचीत सोमवार से पाकिस्तान में शुरू हो सकती है। तनाव कम होने की खबरों से शेयर बाजार के सेंटिमेंट सुधरने की उम्मीद हैं।

शुक्रवार को तेल सप्लाई के अहम समुद्री मार्ग हॉर्मूज स्ट्रेट के खुलने की खबरों से ब्रेंट क्रूड करीब 10% सस्ता होकर 90 डॉल प्रति बैरल पर आ गया है। शेयर बाजार पर भी इसका असर दिखा। गिफ्ट निफ्टी 250 अंक चढ़कर बंद हुआ। अमेरिकी बाजार में भी करीब 1.50% की तेजी रही।

2. विदेशी निवेशकों की खरीदी-बिक्री

विदेशी निवेशकों ने 15-17 अप्रैल के बीच भारतीय शेयरों में ₹1,500 करोड़ से ज्यादा की खरीदारी की। अकेले शुक्रवार को ₹683 करोड़ के शेयर खरीदे। अगर आगे भी विदेशी निवेशकों का भारतीय बाजार के लिए रुख इसी तरह का रहता है तो बाजार में तेजी की उम्मीद की जा सकती है।

3. कंपनियों के नतीजे तय करेंगे दिशा

बाजार की नजर इस हफ्ते आने वाले चौथी तिमाही (Q4) के नतीजों पर भी रहेगी। एक्सिस बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, M&M, अडाणी ग्रीन एनर्जी, इंडसइंड बैंक, इंफोसिस, अडाणी एनर्जी सॉल्यूशन्स, HCL टेक्नोलॉजीज और टाटा एलेक्सजी जैसी कंपनियां नतीजे घोषित करेंगी।

तीन बड़े प्राइवेट बैंकों ने शनिवार को Q4 FY26 के नतीजे जारी किए:

  • HDFC बैंक का मुनाफा 9% बढ़कर ₹19,221 करोड़ रहा।
  • ICICI बैंक का मुनाफा 8.5% बढ़कर ₹13,702 करोड़ पहुंचा।
  • यस बैंक का मुनाफा 44.8% उछलकर ₹1,068 करोड़ हो गया।

4. रुपए की चाल पर निवेशकों की नजर

डॉलर के मुकाबले रुपया 0.3% बढ़कर 92.92 पर बंद हुआ। 30 मार्च को रुपया 95.21 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर था। तब से अब तक इसमें अच्छी रिकवरी आई है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक रुपए के लिए 92.28 पर तत्काल सपोर्ट और 93.50-93.68 पर रेजिस्टेंस है।

रुपया मजबूत होने से आयातसस्ता होता है, जिससे महंगाई घटती है और शेयर बाजार में सकारात्मक माहौल बनता है। इसके विपरीत, रुपए की कमजोरी से विदेशी निवेशकों (FIIs) का मुनाफा कम हो जाता है, जिससे वे बाजार से पैसा निकालने लगते हैं।

5. निफ्टी का टेक्निकल चार्ट

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर. के मुताबिक अगर निफ्टी 24,400 के ऊपर टिकता है तो 24,800-25,000 तक जा सकता है। नीचे की तरफ 24,000 पर सपोर्ट है और 23,800 एक मजबूत बेस है। RSI भी 57 के करीब है, जो बाजार में सुधार के संकेत दे रहा है।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च एसवीपी अजीत मिश्रा का मानना है कि निवेशकों को अभी बैलेंस बनाकर चलना चाहिए और चुनिंदा शेयरों पर ही दांव लगाना चाहिए। निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में ज्यादा हिस्सा उन मजबूत लार्ज-कैप शेयरों का रखना चाहिए जिनके फंडामेंटल्स अच्छे हैं।

शुक्रवार को सेंसेक्स 505 अंक चढ़ा था

17 अप्रैल को सेंसेक्स 505 अंक (0.65%) की तेजी के साथ 78,494 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 157 अंकों (0.65%) की तेजी रही, ये 24,354 पर पहुंच गया।

नॉलेज पार्ट:

गिफ्ट निफ्टी: गिफ्ट निफ्टी में मुख्य रूप से विदेशी निवेशक और बड़े संस्थान ट्रेड करते हैं। यह गुजरात के गिफ्ट सिटी में ट्रेड होता है। भारतीय बाजार खुलने से पहले इसके उतार-चढ़ाव से घरेलू बाजार की ओपनिंग का अंदाजा मिलता है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: दुनिया के कुल तेल व्यापार का करीब 20 से 25 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। सऊदी अरब, इराक, यूएई और कुवैत जैसे देशों का तेल इसी रास्ते से होते हुए भारत, चीन और जापान जैसे देशों तक पहुंचता है।

रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स: यह एक मीटर की तरह है जो बताता है कि कोई शेयर या इंडेक्स कितनी तेजी से खरीदा या बेचा जा रहा है। इसकी वैल्यू 0 से 100 के बीच होती है। आमतौर पर 70 से ऊपर का मतलब ‘ओवरबॉट’ और 30 से नीचे ‘ओवरसोल्ड’ माना जाता है।

डिस्क्लेमर: ये लेख सिर्फ जानकारी के लिए है। ऊपर दी गई राय और सलाह व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों की हैं, न कि दैनिक भास्कर की। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि कोई भी निवेश फैसला लेने से पहले सर्टिफाइड विशेषज्ञों से सलाह जरूर लें।

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