लखनऊ5 घंटे पहले
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लखनऊ में बड़े मंगल के अवसर पर CSIR-नेशनल बॉटनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (NBRI) परिसर में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान तुलसी के पौधे भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, कर्मचारियों और आमजन ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस आयोजन की मुख्य विशेषता प्रसाद वितरण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना था। ‘वाटर वुमेन ऑफ इंडिया’ के नाम से विख्यात पर्यावरण संरक्षक शिप्रा पाठक ने लोगों को तुलसी के पौधे बांटे। उन्होंने बताया कि औषधीय पौधों को हर घर तक पहुंचाना समय की मांग है, क्योंकि तुलसी भारतीय संस्कृति और स्वास्थ्य दोनों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
प्रकृति संरक्षण से जोड़ने वाला प्रेरणादायी कदम
कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक डॉ. ए.के. शासनी और समाजसेविका सरिता सतपथी भी उपस्थित थीं। अतिथियों ने इस पहल को सेवा, संस्कार और प्रकृति संरक्षण से जोड़ने वाला प्रेरणादायी कदम बताया। भीषण गर्मी को देखते हुए, आमजन के लिए ओआरएस पेय के वितरण की भी व्यवस्था की गई थी। यह सेवा धनवंतरी सेवा न्यास और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के सहयोग से संचालित हुई।
निदेशक डॉ. ए.के. शासनी ने अपने संबोधन में कहा कि बड़ा मंगल केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि समाजसेवा और जनकल्याण का भी संदेश देता है। उन्होंने जानकारी दी कि कार्यक्रम में लगभग 1000 तुलसी के पौधे वितरित किए गए, जो हरित जीवन शैली को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
