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महोबा में उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। चरखारी तहसील के रिवई गांव निवासी किसान मिथलेश कुमार की करीब सात बीघा जमीन बिना कोई कर्ज लिए ही बैंक में बंधक दर्ज कर दी गई। इस धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब किसान अपनी बेटी की शादी के लिए निजी ऋण लेने गया। पीड़ित परिवार अब न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है। मिथलेश कुमार और उनकी पत्नी बबली खेती-किसानी कर अपने तीन बच्चों का पालन-पोषण करते हैं। उनकी 20 वर्षीय बेटी कुमकुम की शादी तय हो चुकी है। शादी के खर्च के लिए जब मिथलेश ने अपनी जमीन पर निजी ऋण लेने की योजना बनाई और तहसील से जमीन की खतौनी निकलवाई, तो उन्हें पता चला कि उनकी बम्हौरिया मौजा स्थित गाटा संख्या 74 की 1.231 हेक्टेयर (लगभग 7 बीघा) कृषि भूमि पहले से ही बैंक में बंधक दर्ज है। 4 तस्वीरें देखिए- किसान मिथलेश का दावा है कि उन्होंने इस जमीन पर कभी कोई कर्ज नहीं लिया। इसके बावजूद, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक (पूर्व नाम आर्यावर्त बैंक) की रिवई शाखा के प्रबंधक और कर्मचारियों की कथित लापरवाही के कारण, उनके नाम पर 1 लाख 81 हजार रुपये का फर्जी कर्ज चढ़ा दिया गया। इस मामले में पीड़ित किसान ने पहले बैंक मैनेजर से संपर्क किया, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद, उन्होंने तहसील समाधान दिवस में उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। उपजिलाधिकारी ने जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन छह दिन बीत जाने के बाद भी बैंक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। बेटी की शादी की तैयारियों के बीच किसान परिवार इस स्थिति से बेहद परेशान है।
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यूपी ग्रामीण बैंक ने बिना कर्ज लिए जमीन बंधक बनाई:महोबा में किसान की 7 बीघा भूमि बंधक, परिवार न्याय को भटक रहा