China Gold Reserve Growth | China May Overtake France Italy By 2026

16 मिनट पहले

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चीन का सोने का भंडार रिकॉर्ड 2,410 टन पहुंच गया है। वह दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा गोल्ड होल्डर बन गया है।

चीन ने सितंबर 2026 तक 103 टन से ज्यादा सोना खरीदा है। खरीदारी जारी रही तो वह 2026 के अंत तक फ्रांस और इटली को पीछे छोड़ सकता है।

चीन के केंद्रीय बैंक ने सितंबर में 23 टन से ज्यादा सोना खरीदा। यह लगातार 23वें महीने की खरीदारी है और सितंबर 2023 के बाद सबसे बड़ी मासिक खरीद है।

कोबेइसी लेटर के अनुसार, चीन सोने की कीमत में गिरावट का फायदा उठाकर खरीदारी बढ़ा रहा है। जुलाई और अगस्त 2026 में भी पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने हर महीने 20 टन से ज्यादा सोना खरीदा।

चीन पांचवें स्थान पर

कोबेइसी लेटर के विश्लेषण के अनुसार, सोने के भंडार में चीन से आगे अमेरिका, जर्मनी, इटली और फ्रांस हैं।

चीन के पास अब 2,410 टन सोना है। फ्रांस के पास 2,437 टन सोना है। चीन और फ्रांस के बीच 27 टन का अंतर है।

इटली के पास 2,452 टन सोना है। चीन उससे 42 टन पीछे है। खरीदारी का मौजूदा रुझान जारी रहा, तो चीन 2026 के अंत तक दोनों देशों को पीछे छोड़ सकता है।

चीन की केंद्रीय बैंक खरीदारी लगातार बढ़ रही है। सितंबर की खरीदारी सितंबर 2023 के बाद उसकी सबसे बड़ी मासिक खरीद रही।

सोने की कीमतों में तेजी

ब्लूमबर्ग ने सोमवार, 12 अक्टूबर को बताया कि तेल की कीमतों में गिरावट से महंगाई की चिंता कम हुई है। इससे सोने की कीमतों को सहारा मिला।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में और बढ़ोतरी रोकने के संकेतों की उम्मीद से बाजार में तेजी है। निवेश मांग ने भी हाल के दिनों में सोने को समर्थन दिया है।

सोने से जुड़े एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स ने पिछले हफ्ते अपनी होल्डिंग बढ़ाई। इसी दौरान पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने भी खरीदारी तेज की।

सोने की बुलियन कीमत 4,200 डॉलर प्रति औंस से ऊपर कारोबार कर रही थी। पिछले हफ्ते इसमें 1.3% की बढ़ोतरी हुई।

सिंगापुर के समय के अनुसार, सुबह 11:49 बजे स्पॉट गोल्ड 0.3% बढ़कर 4,206.86 डॉलर प्रति औंस हो गया। चांदी 0.5% बढ़कर 61.12 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

प्लेटिनम और पैलेडियम की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई। ब्लूमबर्ग डॉलर स्पॉट इंडेक्स 0.1% गिरा।

महंगाई और ब्याज दरों का असर

ओवरसीज-चाइनीज बैंकिंग कॉरपोरेशन के रणनीतिकार क्रिस्टोफर वॉन्ग ने इसे सोने के लिए “सावधानी भरी उम्मीद” बताया।

उन्होंने कहा, “महंगाई में नरमी दिखती है। अगर लंबी अवधि की बॉन्ड यील्ड और अमेरिकी डॉलर में भी गिरावट जारी रही, तो सोने की कीमतों में सुधार बढ़ सकता है।”

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, फरवरी के अंत में अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद सोने की कीमत में पांचवां हिस्सा गिर चुका है।

मध्य पूर्व से ऊर्जा आपूर्ति में रुकावटों ने महंगाई का जोखिम बढ़ाए रखा है। इससे कुछ केंद्रीय बैंकों को मौद्रिक नीति सख्त करनी पड़ी।

ब्याज नहीं देने वाली संपत्ति होने के कारण यह सोने के लिए चुनौती बनी हुई है। बाजार बुधवार को आने वाले महंगाई के आंकड़ों का इंतजार कर रहा है।

फेड अधिकारियों के बयानों पर नजर

फेड चेयरमैन केविन वॉर्श गुरुवार को बैंकॉक में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की सालाना बैठक में चर्चा में शामिल होंगे।

उनकी मौजूदगी से अमेरिकी केंद्रीय बैंक की सोच के बारे में संकेत मिल सकते हैं। फेड के दो अन्य करीबी अधिकारियों के बयान भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

फेड गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर और क्लीवलैंड फेड की अध्यक्ष बेथ हैमैक भी कार्यक्रम में बोलेंगी।

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