सोनभद्र में नवरात्र की धूम:494 पंडाल बनकर तैयार, अष्टमी-नवमी पर होंगे कार्यक्रम, अफसरों ने फायर सिस्टम के इंतजाम देखे


सोनभद्र में शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा को लेकर जिले में तैयारियां तेज हो गई हैं। शहर से लेकर गांवों तक मां दुर्गा के स्वागत के लिए भव्य पंडाल सजाए जा रहे हैं। कहीं कारीगर पंडालों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं तो कहीं विद्युत सजावट और अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। इस बार जिले में कुल 494 दुर्गा पूजा पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित करने की तैयारी है। पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के साथ ही अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए पुलिस और अग्निशमन विभाग भी सक्रिय हो गया है। जिले में दुर्गा पूजा की तैयारियों के बीच पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में निर्माणाधीन अस्थायी पंडालों का अग्निसुरक्षा के दृष्टिगत निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को रॉबर्ट्सगंज कस्बे में प्रभारी अग्निशमन ने विभिन्न पंडालों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान आयोजकों को अग्नि दुर्घटनाओं से बचाव के उपाय बताए गए और आवश्यक सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। रॉबर्ट्सगंज में सबसे अधिक 74 पंडाल जिले में उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, रॉबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र में सबसे अधिक 74 दुर्गा पूजा पंडाल स्थापित किए जाएंगे। पन्नूगंज में 55, करमा में 31, शाहगंज और बभनी में 29-29 तथा घोरावल और कोन में 28-28 पंडाल तैयार किए जा रहे हैं। विंढमगंज में 26, रायपुर में 24, चोपन में 21, दुद्धी और बीजपुर में 20-20 तथा बरकोनिया में 18 पंडाल स्थापित होंगे। मांची और जुगैल में 16-16, पिपरी में 15, ओबरा में 14, अनपरा में 12 और शक्तिनगर में 11 पंडालों की तैयारी है। वहीं, म्योरपुर में चार और हाथीनाला में तीन पंडाल बनाए जाने हैं। अग्निसुरक्षा के लिए आयोजकों को किया जागरूक निरीक्षण अभियान के दौरान अग्निशमन विभाग ने आयोजकों को सुरक्षा संबंधी पंपलेट वितरित किए। उन्हें आग से बचाव, संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम और आपात स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गई। साथ ही पंडालों में अग्निसुरक्षा के आवश्यक इंतजाम करने और निर्धारित निर्देशों का पालन करने को कहा गया। उधर, जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में आयोजित पीस कमेटी की बैठक में लोगों से पर्व को आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाने की अपील की गई। प्रशासन का जोर है कि धार्मिक आयोजन के दौरान सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनी रहे, ताकि श्रद्धालु निर्बाध रूप से मां दुर्गा की आराधना कर सकें।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *