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गोरखपुर में बिहार के रहने वाले रिटायर्ड सूबेदार से मकान दिलाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि रियल एस्टेट कंपनी और उसके दो डायरेक्टर्स ने मिलकर पीड़ित से पहले 10 लाख 35 हजार रुपए ले लिए। उसके बाद अलग-अलग तारीख देकर रजिस्ट्री का आश्वास
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लेकिन कई वर्षों बाद भी न तो प्लॉट की रजिस्ट्री कराई और न ही रुपए वापस लौटाए गए। साथ ही मोबाइल नंबर भी ब्लॉक कर दिया और कॉल भी रिसीव नहीं किया जा रहा था। मामले में तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है और जांच में जुटी है।
जानिए पूरा मामला … पुलिस के अनुसार, बिहार के गोपालगंज जिले के मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र स्थित देवकली गांव के रहने वाले रिटायर्ड सूबेदार राजेश्वर सिंह ने शिकायत में बताया है कि उन्होंने रिटायर्मेन्ट के बाद गोरखपुर में मकान बनाने के उद्देश्य से वीएस बंधन इंफ्रा सिटी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड की आवासीय योजना में 1500 वर्गफुट का प्लॉट बुक कराया था।
कंपनी के डायरेक्टर अभिषेक पाठक और विजय कुमार पाठक ने उन्हें बेहतर आवासीय परियोजना और सैनिकों के लिए विकसित की जा रही कॉलोनी का भरोसा दिलाया था। आरोप है कि प्लॉट की कीमत के रूप में उन्होंने कंपनी के खाते में कुल 10.35 लाख रुपये जमा किए।
अलग-अलग तारीख देकर रजिस्ट्री का आश्वासन दिया भुगतान के बाद भी वर्षों तक रजिस्ट्री नहीं की गई। पीड़ित का कहना है कि दोनों डायरेक्टर लगातार अलग-अलग तारीख देकर रजिस्ट्री का आश्वासन देते रहे, लेकिन वादा पूरा नहीं किया। उन्होंने एक पर फोन रिसीव न करने और दूसरे पर नंबर ब्लॉक करने का भी आरोप लगाया।
पुलिस के कहने पर रजिस्ट्री को तैयार हुए थे आरोपी राजेश्वर सिंह ने बताया कि उन्होंने पहले भी पुलिस से शिकायत की थी, जिस पर कंपनी की ओर से रजिस्ट्री कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन बाद में भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि कंपनी ने प्लॉट देने के नाम पर धन लेकर धोखाधड़ी की है।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर रामगढ़ ताल थाने में FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। विवेचना उपनिरीक्षक गौरव तिवारी को सौंपी गई है। एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि केस दर्ज किया गया है। साक्ष्यों के हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी।